
झारखंड के सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी दिल के इलाज की सुविधा, कई शहरों में कैथलैब की तैयारी
रांची: झारखंड में हृदय रोगियों के इलाज को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अभी तक यह सुविधा सिर्फ Rajendra Institute of Medical Sciences (रिम्स) में उपलब्ध थी, लेकिन अब राज्य सरकार इसे अन्य मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों तक विस्तार देने की तैयारी में है।
किन-किन जगहों पर शुरू होगी सुविधा
सरकार ने MGM Hospital, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद और रांची सदर अस्पताल में कैथलैब स्थापना को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।
एमजीएम और रांची सदर अस्पताल में टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, यानी यहां जल्द ही यह सुविधा शुरू हो सकती है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने आगे विस्तार की योजना भी बनाई है।
- पलामू (मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज)
- हजारीबाग
- दुमका (फुलो झानो मेडिकल कॉलेज)
इन संस्थानों में भी कैथलैब शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द कैबिनेट में भेजा जाएगा।
क्या होती है कैथलैब सुविधा?
कैथलैब एक अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा है, जिसमें एक्स-रे आधारित इमेजिंग तकनीक से हृदय और रक्त वाहिकाओं की जांच और इलाज किया जाता है।
इसके जरिए बिना ओपन हार्ट सर्जरी के—
- एंजियोग्राफी
- एंजियोप्लास्टी
- स्टेंटिंग
जैसी प्रक्रियाएं की जाती हैं, जिससे मरीजों को जल्दी और सुरक्षित उपचार मिलता है।
डॉक्टर और स्टाफ की होगी नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग कैथलैब संचालन के लिए कार्डियोलॉजिस्ट, टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत का आकलन कर रहा है।
नई नियुक्तियां की जाएंगी और जरूरत पड़ने पर टेंडर के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी ली जाएंगी।
मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस फैसले के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मरीजों को बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। समय पर इलाज मिलने से गंभीर हृदय रोगियों की जान बचाने में भी मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।



