Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग में पुलिस विभाग के अकाउंट सेक्शन से जुड़े एक बड़े राजकोषीय घोटाले का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आई अनियमितताएं अब बढ़कर करीब 28 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं। यह गड़बड़ी पिछले 14 वर्षों से चल रही थी, जिसका खुलासा हालिया जांच में हुआ।
5 आरोपी गिरफ्तार, परिवार भी जांच के घेरे में: Jharkhand News
मामले में पुलिस ने तीन सिपाहियोंशंभु कुमार, धीरेंद्र कुमार सिंह और रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में इनकी भूमिका मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आई है। इसके अलावा शंभु और रजनीश की पत्नियों को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब आरोपियों के रिश्तेदारों और ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की तैयारी में है।
फर्जी दस्तावेज और खातों से निकासी: Jharkhand News
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने “बाल सिपाही” के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और अपने परिजनों के बैंक खातों को जोड़कर करोड़ों रुपये ट्रांसफर कराए। बताया जा रहा है कि शंभु कुमार 2012 से इस गबन को अंजाम दे रहा था। 2019 में अन्य दो सिपाही भी इसमें शामिल हो गए और फिर यह नेटवर्क लगातार सक्रिय रहा।
अवैध कमाई से खड़ा किया आलीशान मकान: Jharkhand News
जांच एजेंसियों को पता चला है कि शंभु कुमार ने अवैध कमाई से भवानी कॉलोनी में एसपी कोठी के पीछे तीन मंजिला आलीशान मकान बनाया है, जिसमें 8 फ्लैट हैं। यह संपत्ति उसकी पत्नी के नाम पर है और इसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। अब इस संपत्ति की भी जांच और मूल्यांकन किया जा रहा है।
राज्यभर में जांच का दायरा बढ़ा
घोटाले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने राज्य की सभी 33 ट्रेजरी की जांच के आदेश दिए हैं। ट्रेजरी अफसरों और डीडीओ (निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी) की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
बोकारो में भी बड़ा खुलासा
इसी मामले से जुड़े बोकारो में भी एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां एक अकाउंटेंट ने रिटायर हवलदार को कागजों में दारोगा दिखाकर 6 करोड़ रुपये की निकासी कर ली। जांच में पता चला कि 25 महीनों के भीतर 63 बार में 4.29 करोड़ रुपये निकाले गए। इसके अलावा अन्य पुलिसकर्मियों के नाम पर भी करीब 2.25 करोड़ रुपये की निकासी हुई।
सरकार कर सकती है बड़ा ऐलान
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे घोटाले को लेकर राज्य सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है। वहीं वित्त विभाग की टीम मामले की गहराई से जांच के लिए बोकारो पहुंच रही है। यह मामला झारखंड में प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है, वहीं जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।



