
झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के संचालन हेतु 8 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य के 10 हजार बीपीएल (BPL) परिवारों को झारखंड और देश के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराई जाएगी।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है।
दो बजट मदों से मिले 8 करोड़ रुपये
विभागीय आदेश के अनुसार, योजना के लिए मुख्य शीर्ष-3452 (पर्यटन) के अंतर्गत दो अलग-अलग बजट मदों से 4-4 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार कुल 8 करोड़ रुपये इस योजना के संचालन के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
JTDC करेगा योजना का संचालन
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का क्रियान्वयन झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (JTDC) के माध्यम से किया जाएगा। योजना के लिए स्वीकृत राशि की निकासी और व्यय की जिम्मेदारी पर्यटन निदेशालय के निदेशक अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को सौंपी गई है।
योजना के संचालन के लिए सरकार ने तय किए नियम
सरकार ने योजना के पारदर्शी और प्रभावी संचालन के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं—
- स्वीकृत राशि का उपयोग केवल मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पर ही किया जाएगा।
- राशि का उपयोग किसी अन्य योजना या मद में नहीं किया जा सकेगा।
- सक्षम अनुमति के बिना राशि का विचलन (Diversion) नहीं होगा।
- सभी खर्च वित्त विभाग के नियमों, झारखंड वित्त नियमावली और कोषागार संहिता के अनुरूप किए जाएंगे।
- योजना से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) समय पर महालेखाकार एवं संबंधित विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
- नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
गरीब परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि इस योजना से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा। साथ ही, राज्य में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



