चक्रधरपुर/खूंटी | रिपोर्ट: झारखंड में पत्रकार सुशांत सोनी पर हुए कथित जानलेवा हमले को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन (IHRA) और ‘द जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
संगठनों का कड़ा रुख: IHRA
IHRA के झारखंड प्रदेश महासचिव तपन कुमार घोष ने बयान जारी कर कहा कि यह घटना न केवल एक पत्रकार पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मंत्री Irfan Ansari के इशारे पर हमला किया गया, जो बेहद गंभीर मामला है।
प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल: IHRA
घोष ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में पत्रकारों को सवाल पूछने और आलोचना करने का अधिकार है। ऐसी घटनाएं न केवल संविधान की भावना के खिलाफ हैं, बल्कि मानवाधिकारों का उल्लंघन भी दर्शाती हैं।
सरकार पर संरक्षण देने का आरोप: IHRA
संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी संयुक्त बयान में कहा कि:
- सरकार की चुप्पी चिंताजनक है
- आरोपियों को संरक्षण मिलने का अंदेशा है
- यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है
प्रमुख मांगें
संगठन ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं:
- हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी
- मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई
- पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ लागू किया जाए
आंदोलन की चेतावनी
IHRA ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा। यह मामला अब सिर्फ एक हमले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पत्रकार सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
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