
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं? उम्मीदवार प्रणव झा से दूरी बनाते दिख रहे विधायक
Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस की अंदरूनी गतिविधियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव में महज कुछ दिन शेष हैं, लेकिन पार्टी के भीतर वह उत्साह और एकजुटता नजर नहीं आ रही जिसकी अपेक्षा ऐसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबले में की जाती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार प्रणव झा और पार्टी विधायकों के बीच अपेक्षित तालमेल दिखाई नहीं दे रहा है।
उम्मीदवार से दूरी बनाते दिख रहे विधायक
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा लगातार चुनावी तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों में उनके साथ बड़ी संख्या में विधायक नजर नहीं आ रहे हैं। आमतौर पर राज्यसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवार और विधायकों के बीच लगातार संवाद और रणनीतिक बैठकों का दौर चलता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है।
पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि चुनाव से पहले संगठनात्मक स्तर पर अधिक सक्रियता और समन्वय की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलों को विराम दिया जा सके।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद सवाल
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय पर्यवेक्षक लगातार रांची पहुंच रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पर्यवेक्षक डॉ. सैयद नासिर हुसैन तथा प्रदेश प्रभारी के. राजू भी रांची में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन नेताओं की मौजूदगी के बावजूद पार्टी के भीतर अपेक्षित सक्रियता नजर नहीं आ रही है।
आमतौर पर केंद्रीय नेताओं के आगमन पर प्रदेश के विधायक और मंत्री सक्रिय रूप से उनके साथ दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार ऐसी तस्वीरें कम देखने को मिली हैं, जिससे राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला है।
कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण चुनाव
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। एक ओर सत्तारूढ़ गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार मैदान में हैं, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी लगातार राजनीतिक गतिविधियों और बैठकों के कारण सुर्खियों में बने हुए हैं। इससे चुनावी माहौल और अधिक रोचक हो गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया एकजुटता का संदेश
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गठबंधन की एकजुटता पर भरोसा जताते हुए कांग्रेस नेताओं को संगठनात्मक समन्वय बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले किसी भी प्रकार की गलतफहमी या मनमुटाव से बचना जरूरी है।
अब सभी की निगाहें आगामी मतदान पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस चुनाव से पहले अपने संगठन और विधायकों को किस तरह एकजुट रख पाती है और राज्यसभा की इस प्रतिष्ठित लड़ाई में उसका प्रदर्शन कैसा रहता है।



