
बाबूलाल मरांडी ने अस्पताल पहुंच अनशनकारी छात्रों से की मुलाकात, बोले- जान नहीं देनी, अभी लंबी लड़ाई लड़नी है
Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदर अस्पताल पहुंचकर अनशन के दौरान बीमार पड़े छात्रों का हालचाल जाना। उन्होंने पलामू के छात्र राहुल क्रांति और कोडरमा के छात्र ब्रजकिशोर से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा संघर्ष जारी रखने का हौसला दिया।
अनशनकारी छात्रों का जाना हाल
बाबूलाल मरांडी ने बताया कि JPSC-JSSC मामले की CBI जांच और युवाओं के अधिकारों की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से अनशन पर बैठे हैं। इसी दौरान पलामू निवासी छात्र राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं लगातार बारिश में धरना देने के कारण कोडरमा के छात्र ब्रजकिशोर की भी तबीयत खराब हो गई।
नेता प्रतिपक्ष ने अस्पताल पहुंचकर दोनों छात्रों से मुलाकात की और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
“अभी जान नहीं देनी, लंबी लड़ाई लड़नी है”
बाबूलाल मरांडी ने छात्रों से कहा कि वे अपना जीवन खतरे में न डालें।
उन्होंने कहा,
“इस हठधर्मी सरकार के चलते अभी जान नहीं देनी है। अभी आप लोगों को लंबी लड़ाई लड़नी है।”
उन्होंने छात्रों के साहस और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि उनका आंदोलन केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
राहुल क्रांति के मामले का किया जिक्र
बाबूलाल मरांडी ने राहुल क्रांति के मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा में अच्छे अंक मिलने के बावजूद उनका चयन नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि झारखंड ऐसा राज्य है जहां “पार्ट-पार्ट में रिजल्ट जारी किए गए”, जिससे अभ्यर्थियों के बीच कई सवाल खड़े हुए। उन्होंने दावा किया कि राहुल क्रांति ने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फैसला उनके पक्ष में आने के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।
मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और JSSC ने मामले को डबल बेंच में चुनौती दी है, जिससे छात्रों को न्याय मिलने में और देरी हो रही है।
JPSC-JSSC अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि JPSC और JSSC के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक, सचिव सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल पद से हटाया जाए।
उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए और पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए।
“युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़”
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 के बाद हुई कई भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल कुछ छात्रों की लड़ाई नहीं, बल्कि झारखंड के उन सभी युवाओं की आवाज है जो निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और न्याय की मांग कर रहे हैं। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।



