
हूल दिवस की तैयारी में जुटा झामुमो, पाकुड़ में जिला समिति की बैठक संपन्न
Pakur: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला समिति की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आगामी 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कार्यक्रम को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अमर शहीद सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और संथाल हूल आंदोलन के अन्य वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर जिलेभर में हूल दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा।
सभी प्रखंडों में होंगे कार्यक्रम
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम ने कहा कि हूल दिवस झारखंड के इतिहास और आदिवासी स्वाभिमान का प्रतीक है। इसे लेकर जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने सभी प्रखंड अध्यक्षों और सचिवों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हूल दिवस समारोह का आयोजन सुनिश्चित करें तथा अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
बैठक में संगठन विस्तार और पार्टी की जमीनी मजबूती पर भी चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि झामुमो कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग करें तथा जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करें।
हूल दिवस का ऐतिहासिक महत्व
हूल दिवस संथाल विद्रोह (1855) की स्मृति में हर वर्ष 30 जून को मनाया जाता है। सिद्धो-कान्हू, चांद और भैरव के नेतृत्व में अंग्रेजी हुकूमत और शोषण के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण अध्यायों में शामिल है।
झामुमो हर वर्ष इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास करता है।



