Jharkhand Electricity: 24 घंटे बिजली के लिए बड़ा प्लान, JE-AE की होगी भर्ती; सोलर, स्मार्ट ग्रिड और AI पर जोर
बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में 24 घंटे निर्बाध बिजली, JE-AE के खाली पद भरने, नए ग्रिड-पावर सब स्टेशन, रूफटॉप सोलर, स्मार्ट मीटर और AI तकनीक के इस्तेमाल को लेकर अहम निर्देश दिए गए।

झारखंड में 24 घंटे निर्बाध बिजली पर सरकार का जोर, अगले 10-15 वर्षों का प्लान बनाने का निर्देश; JE-AE के खाली पद भी जल्द भरेंगे
Ranchi: झारखंड में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने कई अहम निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से स्पष्ट कहा गया कि बिजली लोगों की मूलभूत जरूरत है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयासों में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइन, पावर सब स्टेशन और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के साथ स्मार्ट ग्रिड, स्मार्ट मीटर, सौर ऊर्जा, एनर्जी स्टोरेज और नई तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
अगले 10-15 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर बनेगा प्लान
अधिकारियों को राज्य में बिजली की भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए अगले 10 से 15 वर्षों की जरूरतों के हिसाब से विस्तृत योजना तैयार कर सरकार को सौंपने को कहा गया है।
इसके तहत बिजली की बढ़ती मांग, नए ग्रिड और पावर सब स्टेशन की जरूरत, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और बिजली उत्पादन से जुड़ी संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।
JE-AE समेत खाली पदों को जल्द भरने का निर्देश
बिजली विभाग में मानव संसाधन की कमी दूर करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को जूनियर इंजीनियर (JE), असिस्टेंट इंजीनियर (AE) समेत अन्य जरूरी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार का जोर है कि पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों और अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर बिजली से संबंधित समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाए।
एनर्जी जेनरेशन और स्टोरेज की संभावनाओं की होगी स्टडी
राज्य के जलाशयों और अन्य संभावित क्षेत्रों में ऊर्जा उत्पादन तथा ऊर्जा भंडारण की संभावनाएं तलाशने का निर्देश भी दिया गया है। इसके लिए विभाग को फिजिबिलिटी स्टडी कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उत्पादन की संभावनाओं को मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP) से जोड़कर आगे बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में आएगी तेजी
झारखंड में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी सरकार का विशेष जोर है। अधिकारियों को रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की रफ्तार तेज करने और ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया।
ट्रांसमिशन लाइन में बढ़ेगा मोनोपोल का इस्तेमाल
बिजली ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण में ज्यादा से ज्यादा मोनोपोल तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में आगे बढ़ने को कहा गया है। इससे पारंपरिक ट्रांसमिशन टावरों की तुलना में भूमि की आवश्यकता कम करने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार राज्य में आवश्यक नए ग्रिड और पावर सब स्टेशन स्थापित करने के लिए भी योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
ट्रांसफार्मर खराब होने पर तुरंत करनी होगी मरम्मत
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मरों को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। कहा गया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिलने पर निर्धारित समय सीमा के भीतर उसकी मरम्मत या आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि ट्रांसफार्मर खराब रहने के कारण लंबे समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी शिकायतें स्वीकार नहीं की जाएंगी।
शहरों में शत-प्रतिशत स्ट्रीट लाइट संचालन का लक्ष्य
शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधारने के लिए बिजली विभाग को नगर निगमों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत शहरों में स्ट्रीट लाइट का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बिजली विभाग में AI और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य नई तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाओं का अध्ययन करने का भी निर्देश दिया गया है।
विभाग से कहा गया है कि बदलती तकनीक और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधारों पर अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपे। इसका उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक आधुनिक, प्रभावी और उपभोक्ता केंद्रित बनाना है।



