
“झारखंड शराब घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, दो आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज, ACB से मांगा जवाब”
रांची | 25 अप्रैल 2026
झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने आरोपित अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
दो आरोपियों को राहत से इनकार
जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों की याचिका खारिज कर दी। इससे पहले एसीबी की विशेष अदालत भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।
ACB से मांगा गया जवाब
वहीं, इसी मामले में एक अन्य आरोपी अमित प्रभाकर सालुंके की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, झारखंड की नई शराब नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर यह मामला सामने आया है। आरोप है कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन में कुछ निजी एजेंसियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
बताया जा रहा है कि अरुण पति त्रिपाठी, जो राज्य सरकार की उत्पाद नीति के सलाहकार रह चुके हैं, की इस मामले में अहम भूमिका रही है। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलकर बाहरी एजेंसियों को झारखंड में प्रवेश दिलाने में भूमिका निभाई।
सालुंके की दलील
अमित प्रभाकर सालुंके की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें पहले विजिलेंस की जांच में क्लीन चिट मिल चुकी है, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अदालत से पूरे मामले को निरस्त करने की मांग की है।
आगे क्या?
अब इस मामले में अगला कदम ACB के जवाब पर निर्भर करेगा। अदालत के निर्देश के बाद तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल किया जाएगा, जिसके बाद आगे की सुनवाई में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
निष्कर्ष
झारखंड शराब घोटाला केस में हाईकोर्ट के सख्त रुख से साफ है कि इस मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया और तेज होगी। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।



