रजरप्पा मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण में देरी पर हाईकोर्ट नाराज, ₹102 करोड़ की DPR पर मांगा जवाब

रजरप्पा मंदिर के कायाकल्प में देरी पर कोर्ट सख्त, ₹102 करोड़ की योजना पर मांगा जवाब

Rajrappa Temple News: रजरप्पा मंदिर विकास पर हाईकोर्ट सख्त, 20 नवंबर तक मांगी पूरी कार्ययोजना

रांची: झारखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण में हो रही देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। मंदिर परिसर के विकास से जुड़ी सुनवाई के दौरान अदालत ने पर्यटन विभाग से स्पष्ट समयसीमा मांगी है। विभाग की ओर से बताया गया कि मंदिर के विकास के लिए 102 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई है।

20 नवंबर तक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान पर्यटन विभाग के सचिव ने अदालत को बताया कि DPR फिलहाल विभागीय मंत्री के पास है। इसके बाद प्रस्ताव को वित्त विभाग और फिर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाना है।

हालांकि, मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने की निश्चित समयसीमा स्पष्ट नहीं होने पर अदालत ने आपत्ति जताई। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रामगढ़ के उपायुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि 20 नवंबर तक नया शपथ पत्र दाखिल कर बताया जाए कि DPR को अंतिम मंजूरी मिलने में कितना समय लगेगा।

₹102 करोड़ की योजना से मंदिर परिसर का होगा विकास

रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण की योजना को इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परियोजना के लिए 102 करोड़ रुपये की DPR तैयार होने की जानकारी अदालत को दी गई है। हालांकि, परियोजना को लागू करने के लिए आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया अभी पूरी होना बाकी है।

अब अगली सुनवाई में स्पष्ट होगी समयसीमा

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पर्यटन विभाग को परियोजना की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया और संभावित समयसीमा स्पष्ट करनी होगी। 20 नवंबर तक दाखिल किए जाने वाले शपथ पत्र से यह जानकारी सामने आने की उम्मीद है कि विकास योजना को अंतिम स्वीकृति कब तक मिल सकती है।

फिलहाल, परियोजना की मंजूरी और काम शुरू होने की तारीख को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

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