हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन: B. Sudarshan Reddy

रांची। उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश B. Sudarshan Reddy ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने पिछले वर्ष हुई हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन और उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर सीधा आघात बताया।

लोकतंत्र की रक्षा के लिए मैदान में: B. Sudarshan Reddy

रेड्डी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हेमंत सोरेन पर लगे सभी आरोपों को असत्य और काल्पनिक करार दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन आरोपों के कारण मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा को जो नुकसान हुआ है, उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह देश में मौजूदा हालात को देखते हुए और संविधान की रक्षा के लिए अपनी अंतरात्मा की आवाज से उपराष्ट्रपति चुनाव में उतरे हैं। हालांकि, उन्होंने इस सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या उनके प्रतिद्वंद्वी और एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन भी इस गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार थे।

B. Sudarshan Reddy: हेमंत सोरेन का समर्थन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रेड्डी का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी को प्रभावी बनाने के लिए रणनीति पर चर्चा की गई है। उन्होंने रेड्डी को अपना पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया और चुनाव में सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

गिरफ्तारी का संदर्भ

यह उल्लेखनीय है कि जब 30 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया था, तब सीपी राधाकृष्णन झारखंड के राज्यपाल थे।

 

 

 

 

 

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