
रांची में सजेगा प्रकृति का मंच, 70 से अधिक फिल्मों में दिखेगी जंगलों की दुनिया; देशभर के विशेषज्ञ होंगे शामिल
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में नवंबर और दिसंबर के दौरान प्रकृति, जंगलों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े दो बड़े आयोजन होने जा रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए जंगलों की खूबसूरती, वन्यजीवों की अनोखी दुनिया और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। पहले तीन दिवसीय फॉरेस्ट फिल्म फेस्टिवल ‘अरण्यक’ का आयोजन होगा, जबकि दिसंबर में राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस 2026 आयोजित की जाएगी। इन आयोजनों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल होंगे।
दोनों कार्यक्रमों का आयोजन झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से किया जा रहा है। इसमें देशभर के फिल्म निर्माता, वैज्ञानिक, पर्यावरण विशेषज्ञ, वन्यजीव संरक्षणकर्मी और शोधकर्ता जुटेंगे।
28 से 30 नवंबर तक होगा फॉरेस्ट फिल्म फेस्टिवल ‘अरण्यक’
रांची के वन भवन स्थित पलाश सभागार में 28 से 30 नवंबर तक तीन दिवसीय फॉरेस्ट फिल्म फेस्टिवल ‘अरण्यक’ आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव में देश-विदेश की 70 से अधिक फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी।
इन फिल्मों के माध्यम से जंगलों, वन्यजीवों, जैव विविधता और प्रकृति के साथ इंसान के रिश्तों की कहानियां दिखाई जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है।
फिल्मों की स्क्रीनिंग के अलावा महोत्सव में कई विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद, फिल्म निर्माताओं के साथ परिचर्चा, वन्यजीव संरक्षण सम्मेलन और मास्टरक्लास शामिल हैं। इसके साथ ही चित्रकला और नेचर फोटोग्राफी की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
इस आयोजन में फिल्म निर्माताओं, वैज्ञानिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों, वन्यजीव संरक्षणकर्मियों, विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी होगी।
झारखंड के जंगलों और जनजातीय परंपराओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
झारखंड अपनी समृद्ध वन संपदा, जैव विविधता और जनजातीय परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के आदिवासी और जनजातीय समुदायों का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। फॉरेस्ट फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से झारखंड की इसी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाने की कोशिश की जाएगी।
आयोजन के जरिए युवाओं और आम लोगों को यह संदेश देने की तैयारी है कि जंगलों और वन्यजीवों का संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सामूहिक भागीदारी भी जरूरी है।
10 से 12 दिसंबर तक होगा नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस 2026
फॉरेस्ट फिल्म फेस्टिवल के बाद रांची में एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन होगा। 10 से 12 दिसंबर तक मोरहाबादी स्थित सर्ड (स्कीपा) परिसर में ‘नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस 2026’ का आयोजन किया जाएगा।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के वन वैज्ञानिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन में वानिकी, वन संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
इस दौरान वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को अपने अनुभव साझा करने तथा वन प्रबंधन और संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा।
रांची में जुटेंगे देशभर के पर्यावरण विशेषज्ञ
नवंबर और दिसंबर में होने वाले ये दोनों आयोजन झारखंड को वन एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े राष्ट्रीय विमर्श का महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराएंगे। एक ओर ‘अरण्यक’ फिल्म महोत्सव के जरिए फिल्मों के माध्यम से प्रकृति और जंगलों की कहानियां लोगों तक पहुंचेंगी, वहीं दूसरी ओर नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस में वैज्ञानिक और विशेषज्ञ वन संरक्षण के भविष्य पर चर्चा करेंगे।
इन आयोजनों के माध्यम से झारखंड की वन संपदा, जनजातीय परंपराओं और जैव विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की योजना है।



