रांची: झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बजट को झारखंड के परिप्रेक्ष्य में पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए इसे “बड़ा पैकेट और शून्य धमाका” करार दिया है।
सीमांत किसानों की उपेक्षा का आरोप
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि बजट में झारखंड जैसे राज्य के सीमांत किसानों के लिए किसी भी ठोस प्रावधान का अभाव है। उन्होंने कहा कि राज्य की एक बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार के पिटारे में उनके लिए कोई विजन नजर नहीं आ रहा है।
चुनावी राज्यों पर मेहरबानी, झारखंड खाली हाथ
कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे ‘पिक एंड चूज’ (Pick and Choose) पॉलिसी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने केवल चुनिंदा राज्यों को बड़े पैकेज देकर मेहरबानी दिखाई है।
- झारखंड और अन्य गैर-भाजपा शासित राज्यों के हिस्से में इस बजट से कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।
- संघीय ढांचे में सभी राज्यों को समान महत्व देने के बजाय राजनीतिक समीकरणों के आधार पर संसाधनों का बंटवारा किया गया है।
- “लोकसभा में पेश किया गया यह बजट झारखंड के किसानों के साथ अन्याय है। जब बजट में किसानों के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट नीति ही नहीं है, तो विकास के दावे खोखले नजर आते हैं। झारखंड के किसानों के हाथ इस बजट से पूरी तरह खाली रहे हैं।”- शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि मंत्री, झारखंड सरकार
राज्य सरकार की ओर से कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र का यह सौतेला व्यवहार झारखंड के कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए घातक है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार को केवल चुनावी लाभ न देखते हुए सभी राज्यों के अन्नदाताओं के लिए समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
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