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बंगाल चुनाव में BJP के स्टार प्रचारक तय, रघुवर दास का नाम गायब- सियासी हलचल तेज

BJP की स्टार प्रचारक लिस्ट जारी, रघुवर दास आउट- क्या है इसके मायने?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव प्रचार को धार देने के लिए अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ-साथ ग्लैमर जगत के चर्चित चेहरे भी शामिल हैं।

शीर्ष नेताओं पर दांव: BJP

बीजेपी ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकने का संकेत देते हुए अपने सबसे बड़े चेहरों को मैदान में उतारा है। स्टार प्रचारकों में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृहमंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari और भाजपा अध्यक्ष JP Nadda जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा Dharmendra Pradhan, Shivraj Singh Chouhan और Ashwini Vaishnaw को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है।

 ग्लैमर और जनअपील का मिश्रण: BJP

बीजेपी ने इस बार प्रचार में फिल्मी और लोकप्रिय चेहरों को भी शामिल किया है। स्टार प्रचारकों की सूची में Mithun Chakraborty, Hema Malini, Kangana Ranaut, Smriti Irani, Manoj Tiwari और Leander Paes जैसे नाम शामिल हैं। यह रणनीति युवाओं और शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

झारखंड के नेताओं को भी जिम्मेदारी: BJP

बीजेपी ने झारखंड के नेताओं पर भी भरोसा जताया है।  पूर्व केंद्रीय मंत्री Arjun Munda, नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi और केंद्रीय मंत्री Annapurna Devi को बंगाल में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। झारखंड और बंगाल की भौगोलिक व सामाजिक नजदीकी को देखते हुए यह फैसला रणनीतिक माना जा रहा है।

रघुवर दास का नाम गायब, बढ़ी चर्चा

इस पूरी सूची में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात को लेकर हो रही है, वह है Raghubar Das का नाम गायब होना। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के राज्यपाल रह चुके रघुवर दास का इस अहम सूची में शामिल न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि

  • क्या यह सिर्फ चुनावी रणनीति का हिस्सा है?
  • या फिर पार्टी के भीतर बदलते समीकरणों का संकेत?

रणनीति या बड़ा संकेत?

बीजेपी की स्टार प्रचारक सूची को हमेशा चुनावी रणनीति का आईना माना जाता है। ऐसे में रघुवर दास का नाम न होना महज संयोग नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी हो सकता है।

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने जहां एक ओर अपने बड़े और लोकप्रिय चेहरों पर दांव लगाया है, वहीं दूसरी ओर कुछ नामों की गैरमौजूदगी ने नई बहस छेड़ दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह रणनीति चुनावी मैदान में कितना असर दिखाती है और रघुवर दास की भूमिका आगे क्या रहती है।

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