रांची में सड़क किनारे लगे कम ऊंचाई वाले विज्ञापन हटेंगे, नगर निगम ने एजेंसियों को दिया 2 दिन का अल्टीमेटम
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद रांची नगर निगम ने सड़क और डिवाइडर पर लगे विज्ञापन बोर्ड को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। नगर निगम ने विज्ञापन एजेंसियों और संचालकों को सड़क की सतह से 12 फीट से कम ऊंचाई पर लगे विज्ञापन बोर्ड हटाने के लिए दो दिन का समय दिया है।
नगर निगम की ओर से जारी आम सूचना में कहा गया है कि डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट और बिजली के पोल पर लगाए गए ऐसे विज्ञापन, जो सड़क पर आवागमन में बाधा डाल रहे हैं या वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित कर रहे हैं, उन्हें तत्काल हटाना होगा।
12 फीट से कम ऊंचाई वाले विज्ञापन होंगे हटाए
नगर निगम के निर्देश के मुताबिक ऐसे होर्डिंग, बिलबोर्ड, प्लेकार्ड और अन्य विज्ञापन संरचनाएं कार्रवाई के दायरे में आएंगी, जिनका कोई भी हिस्सा सड़क की सतह से 12 फीट से कम ऊंचाई पर है।
निगम का कहना है कि कम ऊंचाई पर लगे विज्ञापन सड़क पर चलने वाले लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए ऐसे विज्ञापन दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
एजेंसियों को खुद हटाने होंगे अवैध विज्ञापन
नगर निगम ने सभी संबंधित विज्ञापन एजेंसियों को आम सूचना जारी होने की तारीख से दो दिनों के भीतर अपने सभी विज्ञापन स्थलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापन बोर्ड और संरचनाओं को एजेंसियों को स्वयं हटाना होगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर वह अपने स्तर से ऐसे विज्ञापन हटा सकता है।
कार्रवाई के साथ ब्लैकलिस्ट भी हो सकती है एजेंसी
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने वाली विज्ञापन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
इसके अलावा विज्ञापन बोर्ड हटाने में नगर निगम को जो खर्च आएगा, उसकी वसूली भी संबंधित विज्ञापन एजेंसी से की जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगम की कार्रवाई
रांची नगर निगम की यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के 11 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। यह आदेश W.P. (C) No. 2560 of 2026 और W.P. (C) No. 2508 of 2026 से जुड़े मामलों में दिया गया था।
कोर्ट ने कम ऊंचाई पर लगाए गए विज्ञापन बोर्डों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई थी। माना गया कि सड़क के किनारे या डिवाइडर पर कम ऊंचाई वाले विज्ञापन राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
नगर निगम ने सभी विज्ञापन एजेंसियों से तत्काल अपने विज्ञापन स्थलों की जांच करने और हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
