रांची: CM Hemant Soren से आज रांची स्थित उनके आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के 17 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दल में भारत सहित 5 देशों के सैन्य अधिकारी शामिल थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की खनिज संपदा, जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास मॉडल पर विस्तार से चर्चा की।
खेल और खिलाड़ियों का वैश्विक केंद्र
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि झारखंड की मिट्टी ने विश्व स्तरीय खिलाड़ी दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से खेलों पर जोर देते हुए कहा:
- महिला हॉकी का पावरहाउस: भारतीय महिला हॉकी टीम की 50 प्रतिशत खिलाड़ी अकेले झारखंड से हैं।
- दिग्गजों की भूमि: क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी और तीरंदाजी में दीपिका कुमारी जैसे सितारों ने झारखंड का मान बढ़ाया है।
- बेहतर खेल नीति: राज्य सरकार नई खेल नीति के जरिए ग्रामीण प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान कर रही है।
शिक्षा और उद्योग की नई संभावनाओं का उदय
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों को प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखा:
- सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस: सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर अपग्रेड किया गया है।
- गुरुजी क्रेडिट कार्ड: उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को बिना गारंटी ₹15 लाख तक का ऋण दिया जा रहा है।
- औद्योगिक विरासत: टाटा, एचईसी और स्टील इंडस्ट्री के समृद्ध इतिहास के बाद अब राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति के जरिए वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: पहली बार झारखंड ने विश्व आर्थिक मंच में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
अर्थव्यवस्था में योगदान और वनोपज
श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड रेलवे को सबसे अधिक राजस्व देने वाले राज्यों में से एक है। उन्होंने बताया कि झारखंड देश में तसर, सिल्क और लाह (Lac) का सबसे बड़ा उत्पादक है। सरकार अब प्रोसेसिंग सेंटर बनाकर महुआ और अन्य वनोपज का उचित मूल्य किसानों को दिलाने का कार्य कर रही है।
नक्सलवाद पर लगाम और सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी कि सुरक्षा बलों की सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से राज्य में नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। सरकार ‘नक्सल मुक्त झारखंड’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने की ‘मंईया सम्मान योजना’ की सराहना
एनडीसी के सदस्यों ने राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना’ की जमकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि 53 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2500 की सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में 6 दिन अंडा और पौष्टिक भोजन देने की योजना को भी सराहा गया। हेमंत सोरेन ने बताया कि “झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और असीम संभावनाओं का राज्य है। हमारी सरकार ‘गांव की सरकार’ है, जो पलायन रोकने और जनजातीय समुदायों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना दादेल, एनडीसी के मेजर जनरल हरतेज सिंह बजाज, ब्रिगेडियर सुरवीर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
