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झारखंड में 4.82 लाख किसानों का ऋण माफ, 5 लाख से अधिक किसानों का डेटा हुआ लॉक

4.82 लाख किसानों को कर्ज से राहत! 5,01,620 किसानों का विवरण सफलतापूर्वक पंजीकृत किया जा चुका है।

झारखंड के 5 लाख से अधिक किसानों का डेटा लॉक, 4.82 लाख किसानों को मिली कर्ज से राहत

Ranchi: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि ऋण माफी योजना के तहत किसानों को कर्ज के बोझ से राहत दिलाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार द्वारा योजना को पूरी तरह पारदर्शी और बिचौलिया-मुक्त बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।

कृषि विभाग के अनुसार, अब तक राज्य के 4.82 लाख से अधिक पात्र किसानों को योजना का लाभ मिल चुका है। किसानों के ऋण माफी से संबंधित डेटा का सत्यापन और लॉकिंग प्रक्रिया भी बड़े पैमाने पर पूरी कर ली गई है।

5 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी डेटा पंजीकृत

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक ऑनलाइन ई-केवाईसी और बैंकों से प्राप्त ऑफलाइन डेटा के आधार पर अब तक 5,01,620 किसानों का विवरण सफलतापूर्वक पंजीकृत किया जा चुका है।

योजना के तहत अब तक 4,82,380 किसानों का 50 हजार रुपये तक का कृषि ऋण माफ किया जा चुका है। इससे हजारों किसान परिवारों को आर्थिक राहत मिली है और वे नए कृषि सीजन की तैयारी बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं।

1,267 मामलों की प्रक्रिया जारी

कृषि विभाग ने बताया कि वर्तमान में 1,267 किसानों के दस्तावेज सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) में प्रक्रियाधीन हैं। इन मामलों की जांच और सत्यापन पूरा होते ही संबंधित किसानों को भी योजना का लाभ उपलब्ध करा दिया जाएगा।

17,973 भुगतान तकनीकी कारणों से विफल

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 17,973 मामलों में भुगतान विफल हुआ है। इसका प्रमुख कारण बैंकों द्वारा पोर्टल पर गलत या त्रुटिपूर्ण डेटा अपलोड किया जाना है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर डेटा में सुधार किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को भी जल्द से जल्द ऋण माफी योजना का लाभ मिल सके।

किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम

राज्य सरकार का दावा है कि कृषि ऋण माफी योजना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें कर्ज के बोझ से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र किसानों तक योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

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