
लोकेशन शेयरिंग से खुला राज: बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर 5 कमांडेंट पर एक्शन, DGP ने मांगा जवाब
रांची | रिपोर्ट
झारखंड पुलिस में अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। औचक जांच के दौरान लोकेशन शेयरिंग से यह खुलासा हुआ कि कई वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने मुख्यालय से बाहर थे। इसके बाद डीजीपी Tadasha Mishra ने पांच कमांडेंट से स्पष्टीकरण मांगा है।
क्या है पूरा मामला
डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी जैप ने सभी कमांडेंट से लोकेशन साझा करने को कहा था।
जांच में पाया गया कि:
- कई अधिकारी अपने मुख्यालय में मौजूद नहीं थे
- कुछ का लोकेशन रांची तो कुछ अन्य स्थानों पर मिला
इन अधिकारियों से मांगा गया जवाब
कार्रवाई की जद में आए अधिकारी:
- जैप-8 पलामू: कुसुम पुनिया
- एसआईआरबी-2 खूंटी: एमेल्डा एक्का
- जैप-9 साहिबगंज: रिष्मा रमेशन
- जैप-5 देवघर: अंजनी अंजन
- जैप-4 बोकारो: ऋषभ कुमार झा
पहले जारी हुआ था सख्त आदेश
17 अप्रैल को डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि:
- बिना अनुमति कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा
- कानून-व्यवस्था की स्थिति में तत्काल उपलब्ध रहना जरूरी है
क्यों हुई कार्रवाई
जांच में सामने आया कि आपात स्थिति में अधिकारी की अनुपस्थिति से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए सख्ती बरती गई है।
आगे क्या होगा असर
इस कार्रवाई के बाद:
- बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी
- अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी
- आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी
- लोकेशन ट्रैकिंग जैसे उपाय आगे भी जारी रह सकते हैं
निष्कर्ष:
झारखंड पुलिस में अनुशासन को लेकर यह सख्ती बड़ा संदेश देती है कि अब नियमों के उल्लंघन पर सीधे कार्रवाई होगी।



