TrendingHeadlinesNationalPoliticsTechnology

Bangladesh की ‘भारत नीति’: तारिक रहमान ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए संतुलित संकेत

ढाका/नई दिल्ली: Bangladesh के आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद, पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष और संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शनिवार को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

17 साल के निर्वासन के बाद हाल ही में स्वदेश लौटे तारिक रहमान ने भारत के साथ भविष्य के संबंधों पर अपनी नीति स्पष्ट करते हुए ‘राष्ट्रीय हित’ को प्राथमिकता देने की बात कही।

‘Bangladesh First’ पर आधारित होगी विदेश नीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब तारिक रहमान से भारत के साथ संबंधों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपा-तुला और स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा:

  • जनता का हित सर्वोपरि: तारिक ने कहा, “हमारी विदेश नीति का आधार ‘बांग्लादेश और यहाँ की जनता का हित’ होगा। हम अपने नागरिकों के भले को ध्यान में रखकर ही किसी भी देश के साथ रिश्तों की दिशा तय करेंगे।”

  • समान सम्मान का सिद्धांत: उन्होंने संकेत दिया कि नई सरकार भारत के साथ ‘बराबरी और आपसी सम्मान’ (Mutual Respect and Equality) के आधार पर संबंध बनाना चाहती है।

Bangladesh News: रिश्तों में ‘रिसेट’ की तैयारी: पीएम मोदी का फोन

शेख हसीना के पतन के बाद पिछले 18 महीनों में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में जो कड़वाहट आई थी, उसे दूर करने की पहल दोनों ओर से शुरू हो गई है।

  1. प्रधानमंत्री मोदी की बधाई: चुनाव नतीजों के तुरंत बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर जीत की बधाई दी। मोदी ने एक ‘लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी’ बांग्लादेश के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया।

  2. ऐतिहासिक संबंधों का हवाला: तारिक ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वे भारत के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को साझा विकास के लक्ष्यों के लिए आगे बढ़ाना चाहते हैं।

शेख हसीना का प्रत्यर्पण: सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौती

भले ही तारिक रहमान संतुलित रुख अपना रहे हों, लेकिन शेख हसीना का मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बन सकता है।

  • बीएनपी की मांग: पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट कर दिया है कि नई सरकार भारत से औपचारिक रूप से शेख हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग करेगी।

  • कानूनी प्रक्रिया: हसीना को बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने उनकी अनुपस्थिति में ‘मानवता के खिलाफ अपराधों’ के लिए मौत की सजा सुनाई है। बीएनपी चाहती है कि वे बांग्लादेश लौटकर मुकदमों का सामना करें।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और आतंकवाद पर रुख

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और उग्रवादी तत्वों का फिर से सिर उठाना है। इस पर तारिक रहमान ने कड़ा संदेश दिया:

  • राष्ट्रीय एकता: उन्होंने कहा कि “धर्म व्यक्ति का विषय है, लेकिन राज्य सभी का है।” उन्होंने एक सुरक्षित और समावेशी बांग्लादेश बनाने का वादा किया है।

  • सुरक्षा चिंताएं: जानकारों का मानना है कि यदि तारिक रहमान भारत की सुरक्षा चिंताओं (पूर्वोत्तर में उग्रवाद) का सम्मान करते हैं, तो भारत के ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत रिश्ते तेजी से सुधर सकते हैं।

चुनौतियां और भविष्य

17 साल विदेश में बिताने के बाद सत्ता में लौट रहे तारिक रहमान के सामने एक चरमराई हुई अर्थव्यवस्था और कमजोर कानून-व्यवस्था विरासत में मिली है। ऐसे में भारत जैसे बड़े पड़ोसी के साथ सामान्य और कार्यात्मक (Functional) रिश्ते बनाए रखना उनकी मजबूरी और जरूरत दोनों है।

ये भी पढ़े: बिहार के अस्पतालों का होगा कायाकल्प: Bill Gates की संस्था और सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button