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खरीफ कर्मशाला में कृषि मंत्री Shilpi Neha Tirkey सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

BAU में खरीफ कर्मशाला, कृषि मंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार

Ranchi: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में आयोजित राज्यस्तरीय खरीफ कर्मशाला के अंतिम दिन कृषि मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने विभागीय अधिकारियों को किसानों के हित में गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी किसानों के हित में बेहतर काम करेंगे उन्हें सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि मंत्री ने कर्मशाला में कृषि प्रभाग के कई निदेशकों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार पहले से तैयारी कर रही है और ऐसे समय में अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

कम बारिश की आशंका, सरकार अलर्ट: Shilpi Neha Tirkey

मंत्री ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष कम बारिश होने की संभावना है, जिससे सूखे की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए सरकार किसानों को राहत पहुंचाने के लिए पहले से रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूखे से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

20 मई को हर जिले में लगेगा खरीफ मेला: Shilpi Neha Tirkey

कृषि मंत्री ने बताया कि 20 मई को राज्य के हर जिले में खरीफ मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें करीब 500 प्रगतिशील किसान शामिल होंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि

  • हर प्रखंड से किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो
  • मेले में सॉइल टेस्टिंग काउंटर लगाए जाएं
  • बीज वितरण एसएचजी और एफपीओ के माध्यम से किया जाए

इसके अलावा 22 मई को प्रखंड स्तर पर भी खरीफ मेले आयोजित किए जाएंगे, जिसमें हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

15 मई को होगी जिलास्तरीय बैठक: Shilpi Neha Tirkey

मंत्री ने सभी जिलों में 15 मई को बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया, जिसमें बीडीओ समेत प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों और किसानों के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी साझा की जाएगी।

तालाबों के जीर्णोद्धार और मत्स्य बीज वितरण पर जोर: Shilpi Neha Tirkey

कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि मई महीने के अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का काम पूरा कर लिया जाए। साथ ही पशुओं की दवा के लिए समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। उन्होंने जिला मत्स्य पदाधिकारियों को मत्स्य बीज की आवश्यकता का आकलन कर रिपोर्ट भेजने और मई अंत तक वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जल संरक्षण और उन्नत खेती पर जोर

बीएयू के कुलपति एससी दुबे ने जल संरक्षण को समय की जरूरत बताते हुए किसानों से आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने की अपील की। वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान की उन्नत किस्मों, मिलेट्स खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और विभिन्न जिलों से आए कृषि पदाधिकारी मौजूद रहे।

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