रांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने ‘मुख्यमंत्री Maiya Samman Yojana‘ के तहत राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि योजना की लाभार्थी महिलाओं को अब न केवल मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी, बल्कि उन्हें अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से ₹20,000 तक का आसान लोन भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम महिलाओं को घरेलू खर्चों से आगे बढ़कर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वित्त मंत्री और बैंकिंग समिति के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए रांची में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक के दौरान विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने सरकार के इस प्रस्ताव पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस ऋण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आगामी बजट में विशेष प्रावधान किए जाएंगे, ताकि महिलाओं को बैंक से पूंजी प्राप्त करने में किसी भी तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े।
मासिक सम्मान राशि के साथ स्वरोजगार का नया अवसर
वर्तमान व्यवस्था के तहत झारखंड सरकार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹2,500 की सम्मान राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेज रही है। अब इस नई ऋण सुविधा के जुड़ जाने से महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, लघु उद्योग या छोटे व्यापार जैसे कार्यों के लिए आवश्यक ‘सीड कैपिटल’ या शुरुआती पूंजी जुटा सकेंगी। सरकार का मानना है कि ₹20,000 का यह आसान ऋण महिलाओं को न केवल स्वावलंबी बनाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी को भी मजबूती प्रदान करेगा।
योजना के क्रियान्वयन में चुनौतियां और सुधारात्मक कदम
मंईयां सम्मान योजना 2024 के विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रमुख चुनावी वादों में से एक रही है, जिसे सरकार बनने के बाद प्राथमिकता से लागू किया गया। हालांकि, क्रियान्वयन के दौरान कुछ विसंगतियां भी सामने आई हैं, जैसे अपात्र पुरुषों द्वारा लाभ लेने की कोशिश या तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी। इन समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने जांच तेज कर दी है और भुगतान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं, ताकि केवल वास्तविक लाभार्थी महिलाएं ही इस योजना का लाभ उठा सकें।



