
Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Babulal Marandi ने लिट्टीपाड़ा के कुटलो और सुंदरपहाड़ी के जोलो बरागो गांव में ब्रेन मलेरिया से मृतकों के परिजन एवम् बीमारी से पीड़ित परिवार से मुलाकात कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
तमाम सरकारी ठाठ-बाट, उड़नखटोला आदि की व्यवस्था रहने के बावजूद मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM ने अपने बरहेट विधानसभा के सुन्दरपहाड़ी क्षेत्र के जिन आदिवासी भाई बंधुओं को मलेरिया के प्रकोप से मरने के लिए छोड़ दिया था, आज उसी दुर्गम स्थान पर पहुंच कर अपने जनजातीय भाइयों को हरसंभव… pic.twitter.com/3WpjzgRLkJ
— Babulal Marandi (@yourBabulal) November 27, 2023
साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे के बावजूद प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ितों का हाल चाल नहीं लेने को उन्होंने दुखद बतलाया।
अफसरों ने उन्हें डरा दिया कि आप गांव जाएंगे तो बीमार पड़ जाएंगे: Babulal Marandi
श्री मरांडी ने कहा कि आश्चर्य लगता है कि सीएम पाकुड़ और बरहेट आए, दो दिनों तक रहे परंतु मलेरिया प्रभावित गांव जाकर पीड़ितों और प्रभावितों से मुलाकात तक नहीं की, यह दुखद है। शायद मुख्यमंत्री इसलिए प्रभावित गांवों में नहीं आए कि अगर वे गांव जाएंगे तो उन्हें भी मलेरिया हो जाएगा। या तो वे डर गए या अफसरों ने उन्हें डरा दिया कि आप गांव जाएंगे तो बीमार पड़ जाएंगे। मुख्यमंत्री के पास तो हेलीकॉप्टर था, चाहते तो आसानी से एक दो गांव का भ्रमण कर पीड़ितों का हाल-चाल ले सकते थे।

लोगों के तकलीफों को जानेंगे, तभी तो उसका सही समाधान हो पाएगा। सरकार गांव की बात करती है परंतु जहां लोग पीड़ित हैं, गरीब हैं, तकलीफ में हैं वहां ही नहीं गए तो फिर क्या कहा जाए।
अगर युद्ध स्तर पर काम किया गया तो यह महज दो दिनों का ही काम है: Babulal Marandi
श्री मरांडी ने राज्य सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि हमें लगता है कि भारत सरकार की नल से जल योजना को यहां पर अमल में लाना चाहिए और इस बाबत मुख्यमंत्री को राज्य के अफसर को निर्देशित करनी चाहिए। इसके लिए सप्ताह या महीना भर दिन की जरूरत नहीं है। अगर युद्ध स्तर पर काम किया गया तो यह महज दो दिनों का ही काम है। आवागमन की समुचित व्यवस्था नहीं है। नावाडीह में बिल्कुल कीचड़ है। स्वाभाविक है कि इस प्रकार की गंदगी होगी तो मच्छर पैदा होंगे और लोग बीमार पड़ेंगे।

सड़क को तत्काल ठीक करने की जरूरत है। लिट्टीपाडा, सुंदरपहाड़ी है यह मलेरिया का जोन है। यहां तो सरकार को स्पेशल ड्राइव चलाना चाहिए। ताकि केवल रोकथाम ही नहीं हो बल्कि इसका स्थाई समाधान हो सके। गांव की सुविधा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। सड़क अच्छी होगी तो जल जमाव भी नहीं होगा और इस कारण मच्छर भी पैदा नहीं होगा। सरकार को अविलंब इस दिशा में काम करना चाहिए। आजकल तो अच्छी तकनीक का समय है।
जो लोग बीमार हैं उनके इलाज के लिए बेहतर सुविधा करने की जरूरत है: Babulal Marandi
सरकार चाहे तो सड़क, पानी की उपलब्धता सहित सभी चीजें सप्ताह भर में दुरुस्त हो सकती है। जो लोग बीमार हैं उनके इलाज के लिए बेहतर सुविधा करने की जरूरत है। पता चला की लिटीपाड़ा अस्पताल में बेड की अच्छी व्यवस्था नहीं है तो आजकल तो सब कुछ पोर्टेबल है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। जाड़े का मौसम है, गरीबों को कंबल भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

सुंदरपहाड़ी में ये गांव लगभग 8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है: Babulal Marandi
गौरतलब है कि लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बड़ा कुटलो गांव में पिछले दिनों ब्रेन मलेरिया पांच बच्चों की मौत हो गई थी। आज प्रदेश अध्यक्ष श्री बाबूलाल मरांडी जी बड़ा कुटलो ग्राम पहुंच कर मलेरिया से मृतकों के परिजनों और बीमारी से पीड़ित परिवार से मुलाकात कर वहां की स्थिति को ग्रामीणों से जाना। इसके अलावा लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बड़ा कुटलो गांव जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष श्री बाबूलाल मरांडी जी गोड्डा जिला के सुंदरपहाड़ी प्रखंड जोलो बरागो गांव पहुंचे। सुंदरपहाड़ी में ये गांव लगभग 8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।

इस गांव में जाने के लिए सड़कें तक नहीं है फिर भी बाबूलाल मरांडी जी पैदल और मोटरसाइकिल से इस गांव में पहुंच कर वहां पर मलेरिया बीमारी से मृतकों के परिजनों और मलेरिया से पीड़ित लोगों से मिल कर वहां की समस्याओं को सुना। हालात की गंभीरता को देखते हुए बाबूलाल मरांडी ने अपने सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर लिट्टीपाड़ा और सुन्दरपहाड़ी के गांवों में स्वास्थ्य स्थिति के जायजा लेने एवं प्रभावित लोगों से मिलने का निर्णय लिया। ताकि जनता को मलेरिया के प्रकोप से तात्कालिक राहत दिलाने में पहल कर सकें।
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