Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य में अनाधिकृत रूप से बने मकानों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भवन नियमितीकरण ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ कर दिया है। रांची के धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने पोर्टल लॉन्च किया। इस मौके पर विभागीय अधिकारी, नगर विकास विभाग के प्रतिनिधि और फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
“करीब 7 लाख मकानों को मिलेगा फायदा”: Jharkhand News
पोर्टल लॉन्च करने के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य में पहले से बने लगभग 7 लाख अनियमित मकान इस योजना के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा लोगों से भारी-भरकम शुल्क वसूलने की नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को शुल्क जमा करने में परेशानी होती है तो किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी गई है।
पूर्व सरकारों पर साधा निशाना: Jharkhand News
सुदिव्य कुमार ने इस मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने लंबे समय तक शहरी क्षेत्रों के नाम पर राजनीति की, उन्होंने कभी भवन नियमितीकरण की दिशा में गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के समग्र विकास की सोच के साथ शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को राहत देने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने किया स्वागत
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने इसे “ऐतिहासिक फैसला” बताते हुए कहा कि सरकार ने जनता की जरूरत और मौजूदा परिस्थिति को ध्यान में रखकर यह योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम शुल्क पर मकानों का नियमितीकरण होने से शहरों के विकास को गति मिलेगी और लोगों को कानूनी राहत भी प्राप्त होगी।



