दावोस में CM Hemant Soren कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात, झारखण्ड में निवेश का देंगे न्यौता
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CM Hemant Soren
रांची/दावोस: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने दावोस पहुंचे CM Hemant Soren का शेड्यूल बेहद व्यस्त रहने वाला है। झारखंड में निवेश लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दुनिया की शीर्ष कंपनियों के प्रमुखों (CEOs) और नीति निर्माताओं के साथ मैराथन बैठकें करेंगे। इस दौरान झारखंड खुद को सिर्फ एक खनिज संपन्न राज्य नहीं, बल्कि एक भविष्य के लिए तैयार ‘सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट हब’ के रूप में पेश करेगा।
टाटा, हिताची और इंफोसिस के प्रमुखों से वन-टू-वन चर्चा
मुख्यमंत्री का एजेंडा वैश्विक कंपनियों को झारखंड बुलाने का है। अपनी यात्रा के दौरान वे टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव (AB InBev), ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप और एवरस्टोन ग्रुप जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की व्यापार परिषदों के साथ भी बैठकें होंगी। चर्चा का मुख्य केंद्र ग्रीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाइमेट-फ्रेंडली उद्योगों में निवेश होगा।
20 जनवरी को खुलेगा ‘झारखंड पवेलियन’
झारखंड की ब्रांडिंग के लिए दावोस में एक विशेष मंच तैयार किया गया है। 20 जनवरी को मुख्यमंत्री ‘झारखंड पवेलियन’ (Jharkhand Pavilion) का उद्घाटन करेंगे। यह पवेलियन दुनिया भर के निवेशकों के लिए राज्य की नीतियों, निवेश की संभावनाओं और दीर्घकालिक विकास योजनाओं को समझने का केंद्र होगा। यहां बताया जाएगा कि कैसे झारखंड अपनी पारंपरिक ‘खनन पहचान’ से आगे बढ़कर ग्रीन इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है।
विजन 2050: ‘प्रकृति के साथ संतुलन’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन स्पष्ट है-“प्रकृति के साथ संतुलन में विकास”। वे वैश्विक मंच पर बताएंगे कि 25 साल का युवा झारखंड अब ‘विजन 2050’ की ओर देख रहा है। इसमें जिम्मेदार खनन, रिन्यूएबल एनर्जी और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।