गढ़वा में फर्जी तरीके से चल रहा था निजी अस्पताल, प्रशासन की छापेमारी में बड़ा खुलासा, अस्पताल सील

MBA पास युवक कर रहा था इलाज, अस्पताल हुआ सील

समाचार वाला/गढ़वा : शहर के कचहरी रोड स्थित दिव्यकमल हॉस्पिटल पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी है। अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार और सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी द्वारा संयुक्त रूप से किए गए औचक निरीक्षण में अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। प्रशासन को सूचना मिली थी कि अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई है। सूचना की सत्यता जांचने के लिए अधिकारियों की टीम अस्पताल पहुंची। हालांकि जांच के दौरान मरीज की मौत की पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल में कोई भी योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था।

मरीजों का उपचार कंपाउंडरों और तकनीकी कर्मियों के भरोसे किया जा रहा था। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि अस्पताल में कार्यरत बताए जा रहे चिकित्सकों ने पूर्व में ही सिविल सर्जन कार्यालय को लिखित रूप से सूचित किया था कि उनका संस्थान से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी और पैथोलॉजी सेवाओं का संचालन जारी था। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में एक ऐसा युवक मरीजों का इलाज करता पाया गया, जिसने एमबीए की पढ़ाई की है, जबकि वह चिकित्सकीय कार्यों में संलिप्त था। वहीं पैथोलॉजी जांच से संबंधित कोई प्रशिक्षित कर्मी मौजूद नहीं मिला, लेकिन अस्पताल में एचआईवी जांच किट रखी हुई थी।

अस्पताल के बोर्ड पर जिन चिकित्सकों के नाम प्रदर्शित किए गए थे, वे वहां कार्यरत नहीं थे और इस संबंध में उन्होंने लिखित शिकायत भी की थी। सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने कहा कि चिकित्सकों की अनुपस्थिति और अन्य गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए अस्पताल को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि मरीज की मौत संबंधी सूचना की भी विस्तृत जांच कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि दिव्यकमल हॉस्पिटल पूर्व में भी विवादों में रहा है। फर्जी दस्तावेजों और नियमों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर प्रशासन पहले भी इस अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।

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