
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने विजय, बोले- झूठे वादे कर जनता को धोखा नहीं दूंगा
विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया अध्याय शुरू कर दिया है। तमिलनाडु में पहली बार किसी गैर-द्रविड़ दल की सरकार बनी है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में TVK प्रमुख विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विजय ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।
पहले संबोधन में क्या बोले विजय?
मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले संबोधन में विजय ने कहा कि वह किसी राजनीतिक वंश से नहीं आते, लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार किया और भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, “मैं झूठे वादे कर लोगों को धोखा नहीं दूंगा। जनता ने जिस उम्मीद के साथ हमें चुना है, उस भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।”
पहली फाइल पर किया बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद विजय ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने से जुड़ी पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए।
इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बल के गठन से संबंधित फाइल को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने भी ली शपथ
विजय के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में TVK नेता आधव अर्जुन, एन आनंद और के ए सेंगोट्टैयन समेत कई नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। मंत्रियों ने भी ईश्वर के नाम पर शपथ ग्रहण किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी।
राजनीतिक बदलाव का बड़ा संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की सरकार बनने के साथ ही तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से राज्य की राजनीति में प्रभाव रखने वाले DMK और AIADMK के वर्चस्व को इस चुनाव ने चुनौती दी है।
अब सभी की नजर विजय सरकार के अगले फैसलों और विधानसभा में होने वाले विश्वास मत पर टिकी हुई है।



