तपोवन मंदिर बनेगा आस्था का भव्य केंद्र, CM हेमंत सोरेन ने दिया हर संभव सहयोग का भरोसा
रांची | झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति, रांची के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान समिति ने मंदिर में चल रहे नवनिर्माण कार्य की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और उन्हें स्थल का दौरा करने का आमंत्रण भी दिया।
मंदिर निर्माण कार्य की ली विस्तृत जानकारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तपोवन मंदिर के निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि रांची की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर भी है।
सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि तपोवन मंदिर के रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन कार्य में राज्य सरकार हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने निर्देश दिया कि मंदिर को भव्य और आकर्षक रूप दिया जाए, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
देश-विदेश के श्रद्धालुओं का बने आकर्षण
हेमंत सोरेन ने कहा कि तपोवन मंदिर को इस तरह विकसित किया जाए कि यह देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सके। उन्होंने मंदिर के समग्र विकास पर जोर दिया।
2029 तक पूरा होगा निर्माण कार्य
नवनिर्माण समिति की ओर से बताया गया कि मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2029 तक पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल नींव (फाउंडेशन) का कार्य पूरा हो चुका है और आगे का निर्माण तेजी से जारी है।
प्रसिद्ध आर्किटेक्ट कर रहे डिजाइन
समिति ने जानकारी दी कि मंदिर का निर्माण कार्य अयोध्या के भव्य राम मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में हो रहा है, जिससे इसकी भव्यता और वास्तुशिल्प को विशेष रूप दिया जा रहा है।
ये लोग रहे मौजूद
इस मुलाकात में मंदिर के महंत ओमप्रकाश, समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, अयोध्या दास समेत कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
👉 कुल मिलाकर, तपोवन मंदिर के नवनिर्माण को लेकर सरकार और समिति दोनों स्तर पर गंभीरता दिखाई दे रही है, जिससे आने वाले वर्षों में यह स्थल एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।
