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निलंबित IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, जेल से बाहर आने का रास्ता साफ

Suspended IAS Vinay Chaubey को Supreme Court से हजारीबाग लैंड स्कैम मामले में जमानत मिल गई है।

BREAKING: निलंबित IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, एक साल से अधिक समय से हैं जेल में

हजारीबाग लैंड स्कैम मामले में शीर्ष अदालत से बड़ी राहत, झारखंड हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल को खारिज कर दी थी बेल याचिका

Ranchi/Delhi: निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जेल में बंद विनय चौबे की जमानत याचिका शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर ली।

विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सुनवाई की। झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी जमानत याचिका

इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने विनय चौबे को जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी।

अब शीर्ष अदालत से जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो सकता है।

हजारीबाग लैंड स्कैम से जुड़ा है मामला

विनय चौबे ने जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, वह हजारीबाग के कथित जमीन घोटाले से संबंधित है।

इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। केस में विनय चौबे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

मामले में विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचलाधिकारी शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

जेल से बाहर आने का रास्ता हो सकता है साफ

विनय चौबे के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें जिन अन्य मामलों में आरोपी बनाया गया है, उनमें पहले ही जमानत मिलने की बात सामने आई है।

ऐसे में हजारीबाग लैंड स्कैम मामले में भी सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो सकता है।

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