HeadlinesJharkhandStatesTrending

JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने पर छलके छात्रों के आंसू, विक्ट्री साइन दिखाकर बोले- संघर्ष रंग लाया

JSSC-CGL परीक्षा रद्द: आंखों में आंसू, चेहरे पर सुकून, भावुक हुए आंदोलनकारी छात्र

JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने पर छलके छात्रों के आंसू, विक्ट्री साइन दिखाकर बोले- संघर्ष रंग लाया

Ranchi: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार के फैसले के बाद आंदोलन स्थल पर भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों ने परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के बाद राहत की सांस ली।

सरकार की ओर से परीक्षा एजेंसी TDPL द्वारा वर्ष 2014 के बाद आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद कई छात्र भावुक हो गए। कुछ युवाओं की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े तो कई छात्र हाथों में विक्ट्री साइन बनाकर अपनी खुशी जाहिर करते नजर आए।

खुशी के साथ छलके संघर्ष के आंसू

छात्रों के लिए यह सिर्फ परीक्षा रद्द होने का फैसला नहीं था, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष के बाद मिली राहत का क्षण था। आंदोलन के दौरान छात्रों ने लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और सड़क पर धरना-प्रदर्शन किया।

सरकार के फैसले की घोषणा होते ही आंदोलन स्थल पर माहौल बदल गया। कई छात्र एक-दूसरे को गले लगाकर भावुक होते दिखे। कुछ छात्रों की आंखों में खुशी के आंसू थे, जबकि चेहरे पर संघर्ष के बाद मिली राहत साफ नजर आ रही थी।

लंबे समय से जारी था छात्र आंदोलन

JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। छात्रों की प्रमुख मांग परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना रही है।

आंदोलन के दौरान छात्रों ने कई बार सरकार से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील की थी।

देवेंद्रनाथ महतो ने खत्म किया आमरण अनशन

छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। सरकार की घोषणा के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा रद्द होने के बाद भी छात्रों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की।

‘गरीब बच्चों के भविष्य के साथ न हो खिलवाड़’

छात्र नेताओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का सबसे ज्यादा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो वर्षों तक मेहनत और तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक या अनियमितता उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है।

छात्रों ने सरकार से मांग की है कि भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button