
रांची यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव: ‘जहां छात्र, वहीं शिक्षक’ मॉडल लागू, 40 साल बाद पदों का पुनर्गठन
रांची | रिपोर्ट
झारखंड की Ranchi University में उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। करीब 40 वर्षों बाद विश्वविद्यालय के शिक्षक और स्टाफ पदों का बड़े स्तर पर पुनर्गठन (रिविजन) किया गया है। अब नया फॉर्मूला साफ है—“जहां छात्र, वहीं शिक्षक”।
क्या है बड़ा बदलाव?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विश्वविद्यालय ने पारंपरिक फिक्स्ड पोस्टिंग सिस्टम को खत्म कर डायनामिक स्टाफिंग मॉडल लागू किया है।
- कम नामांकन वाले विषयों से पद सरेंडर
- अधिक डिमांड वाले विषयों में नए पद सृजित
कुल पदों में क्या बदलाव हुआ?
- पहले कुल पद: 2683
- संशोधन के बाद: 2530
- सरेंडर पद: 1851
- नए पद सृजित: 1678
- कुल कमी: 153 पद
शिक्षकों के पदों में बढ़ोतरी
- पहले: 1209
- अब: 1353
- कुल बढ़ोतरी: 144 पद
कैडर के अनुसार बदलाव
- प्रोफेसर: 47 से घटकर 42
- एसोसिएट प्रोफेसर: 121 से बढ़कर 153
- असिस्टेंट प्रोफेसर: 1041 से बढ़कर 1158
कर्मचारियों के पद घटे
- पहले: 1474
- अब: 1177
- कुल कमी: 297 पद
किन विषयों पर पड़ा असर?
कम छात्र संख्या वाले विषयों में पद घटाए गए:
- बांग्ला
- संस्कृत
- उड़िया
जबकि इन विषयों में पद बढ़े:
- कंप्यूटर साइंस
- एनवायरनमेंट साइंस
- स्किल और इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स
कॉलेजों में भी बड़ा फेरबदल
पहले 14 कॉलेजों और पीजी विभागों में कुल 766 शिक्षक पद थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 1353 पद कर दिया गया है।
इससे छात्रों की बढ़ती संख्या के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
निष्कर्ष:
रांची यूनिवर्सिटी का यह कदम उच्च शिक्षा को रोजगारपरक और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर शिक्षा मिल सकेगी



