
जनगणना-2027: मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने पूरी की स्व-गणना प्रक्रिया, लोगों से की भागीदारी की अपील
रांची से जारी सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने इस पहल के माध्यम से राज्यवासियों को जनगणना अभियान में सक्रिय और उत्साहपूर्वक भाग लेने का संदेश दिया।
1 से 15 मई तक स्व-गणना अभियान
राज्य में जनगणना-2027 के अंतर्गत 01 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में रविवार को मुख्य सचिव ने स्वयं इस प्रक्रिया को पूरा कर आम नागरिकों को प्रेरित किया।
सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करें, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बने।
16 मई से घर-घर सर्वे
स्व-गणना चरण के बाद अगला चरण मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का होगा, जो 16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा।
इस दौरान प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे। इसके लिए सभी जिलों में प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- प्रभात कुमार, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड
- सुशांत गौरव, नगर आयुक्त, रांची नगर निगम
- डॉ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, संयुक्त निदेशक
- शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची
- ज्ञानचंद्र महतो, सहायक निदेशक
क्या है स्व-गणना (Self Enumeration)?
स्व-गणना एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने परिवार और घर से जुड़ी जानकारी भर सकते हैं। इससे डेटा की सटीकता बढ़ती है और जनगणना प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है।
सरकार का संदेश
मुख्य सचिव ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और समय रहते अपनी जानकारी दर्ज करें, ताकि विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।



