सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर कांग्रेस का हमला, राकेश सिन्हा बोले- भाजपा को नए कानून नहीं, अपने राजनीतिक चरित्र का संशोधन करना चाहिए
Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक सरकार की विफलताओं को छिपाने का प्रयास है और इससे युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
“पेपर लीक पर जवाब दे भाजपा”
राकेश सिन्हा ने कहा कि जिस सरकार के कार्यकाल में कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए, वही अब पारदर्शिता और ईमानदारी की बात कर रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा पारदर्शी थी, तो NEET समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में बार-बार कथित पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। उनके अनुसार, सरकार को पहले इन मामलों पर जवाब देना चाहिए।
“नया कानून लाकर नाकामी छिपाने की कोशिश”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार नया कानून लाकर अपनी कथित प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं ने वर्षों तक मेहनत की, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनके भविष्य पर असर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई।
रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर साधा निशाना
राकेश सिन्हा ने कहा कि सरकार युवाओं को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रही है और जो भर्ती परीक्षाएं आयोजित होती हैं, वे भी विवादों में घिर जाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, कथित पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी और व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक केवल कानून बनाने से स्थिति नहीं बदलेगी।
कांग्रेस ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग
राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के अधिकारों और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी।
नोट: इस समाचार में व्यक्त आरोप और दावे झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों पर भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
