30 आदिवासी बच्चों की मौत पर रांची में प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर रांची में उबाल, आदिवासी कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर रांची में प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

Ranchi: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर रांची में झारखंड प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के अनुसार, बालाघाट में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के करीब 30 बच्चों की बीमारी और कुपोषण से मौत हुई है। इसी के विरोध में गुरुवार, 10 सितंबर को प्रदेश अध्यक्ष राज उरांव के नेतृत्व में लोक भवन, नागा बाबा खटाल के सामने एक दिवसीय शांतिपूर्ण सत्याग्रह और धरना दिया गया।

प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से झारखंड के राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

धरने को संबोधित करते हुए राज उरांव ने बालाघाट के बिरसा और बैहर विकासखंड के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की मौत को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।

कांग्रेस के अनुसार, बैगा और गोंड समुदाय के बच्चों में तेज बुखार, दस्त, निमोनिया और त्वचा संक्रमण जैसे लक्षण सामने आए। संगठन का दावा है कि कई मामलों में बीमारी के साथ कुपोषण और अन्य संक्रमण की स्थिति भी गंभीर हुई।

राज उरांव ने कहा कि दूरदराज के वन क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, टीकाकरण से जुड़ी समस्याएं और एएनएम के रिक्त पदों के कारण प्रभावित परिवारों को समय पर इलाज नहीं मिल सका।

हालांकि, इन दावों और मौतों के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं हुई है।

स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

झारखंड प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने मामले में नैतिक और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन ने मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफा देने की मांग की।

कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से घोषित दो लाख रुपये के मुआवजे को बढ़ाकर प्रत्येक प्रभावित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये दिया जाए। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

संगठन ने राष्ट्रपति से मामले का संज्ञान लेने और केंद्र सरकार के माध्यम से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में स्थायी और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी बहुल और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की मांग भी उठाई गई।

बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद

धरना प्रदर्शन में समीर सरोज हांसदा, सुभाष नाग, सुरेश सवैया, शिवराज जयपाल सिंह, गगन करमाली, विक्की करमाली, विवेक विशाल, संतोष टोप्पो, अनिल उरांव, कुमुदिनी प्रभावती, गोलू मुंडा, सुनील मिंज, गोपाल उरांव, कमिश्नर मुंडा, गोविंद टोप्पो, रोहित लोहरा, विशाल टोप्पो और जॉन डॉगवाल समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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