Jharkhand में ‘पेसा राज’: कैबिनेट ने नियमावली को दी मंजूरी, अब जल-जंगल-जमीन पर ग्राम सभाओं का होगा असली हक

रांची: PESA Act : Jharkhand गठन के 25वें वर्ष में हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के आदिवासी और मूलवासी समुदायों को स्वशासन का सबसे बड़ा अधिकार सौंप दिया है।

मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई कैबिनेट बैठक में ‘पेसा (पंचायत उपबंध – अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) नियमावली-2025’ को औपचारिक स्वीकृति मिल गई। इसके साथ ही राज्य के 15 अनुसूचित जिलों में ग्राम सभाएं अब कानूनी रूप से पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हो गई हैं।

Jharkhand News: ग्राम सभाओं को मिले ये ‘सुपर पावर’

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल और पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने बताया कि नई नियमावली के लागू होने से शासन का केंद्र अब राजधानी नहीं, बल्कि गांव की ग्राम सभा होगी।

Jharkhand News: 15 जिलों के करोड़ों आदिवासियों को सीधा लाभ

यह कानून झारखंड के उन 15 जिलों में लागू होगा जो संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आते हैं। इनमें से 13 जिले पूर्ण रूप से और 2 जिले आंशिक रूप से पेसा के दायरे में आएंगे। अधिसूचना जारी होते ही यह नियमावली प्रभावी हो जाएगी।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले (कुल 39 प्रस्ताव)

पेसा के अलावा कैबिनेट ने विकास और शिक्षा से जुड़े कई अन्य अहम फैसलों पर मुहर लगाई:

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