रांची: PESA Act : Jharkhand गठन के 25वें वर्ष में हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के आदिवासी और मूलवासी समुदायों को स्वशासन का सबसे बड़ा अधिकार सौंप दिया है।
पेसा एक्ट की नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी—झारखंड में जनजातीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम। अब फैसला ग्राम सभा का, सम्मान सबका।#PESAAct #Jharkhand #TribalSelfRule #GramSabha #GoodGovernance pic.twitter.com/N9lMbPoR1N
— Dipika Pandey Singh (@DipikaPS) December 23, 2025
मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई कैबिनेट बैठक में ‘पेसा (पंचायत उपबंध – अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) नियमावली-2025’ को औपचारिक स्वीकृति मिल गई। इसके साथ ही राज्य के 15 अनुसूचित जिलों में ग्राम सभाएं अब कानूनी रूप से पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हो गई हैं।
Jharkhand News: ग्राम सभाओं को मिले ये ‘सुपर पावर’
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल और पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने बताया कि नई नियमावली के लागू होने से शासन का केंद्र अब राजधानी नहीं, बल्कि गांव की ग्राम सभा होगी।
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भूमि अधिग्रहण पर वीटो: अब किसी भी सरकारी या निजी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण करने से पहले संबंधित ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति लेनी होगी।
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खनिजों पर नियंत्रण: बालू घाटों की नीलामी और लघु खनिजों (Minor Minerals) के खनन अधिकार के लिए अब ग्राम सभा की अनुमति आवश्यक होगी।
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लघु वन उपज: जंगल से प्राप्त होने वाली औषधियों और वन उपज (जैसे महुआ, इमली, लाह आदि) पर अब स्थानीय समुदायों का पूरा मालिकाना हक होगा।
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साहूकारी प्रथा पर लगाम: गांवों में होने वाले आर्थिक शोषण और अवैध साहूकारी प्रथा पर नियंत्रण और दंड देने की शक्ति अब ग्राम सभा के पास होगी।
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परंपरा का सम्मान: सभी ग्राम सभाएं अपनी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था (जैसे मुंडा-मानकी, मांझी-परगना आदि) को नोटिफाई कर सकेंगी।
Jharkhand News: 15 जिलों के करोड़ों आदिवासियों को सीधा लाभ
यह कानून झारखंड के उन 15 जिलों में लागू होगा जो संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आते हैं। इनमें से 13 जिले पूर्ण रूप से और 2 जिले आंशिक रूप से पेसा के दायरे में आएंगे। अधिसूचना जारी होते ही यह नियमावली प्रभावी हो जाएगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले (कुल 39 प्रस्ताव)
पेसा के अलावा कैबिनेट ने विकास और शिक्षा से जुड़े कई अन्य अहम फैसलों पर मुहर लगाई:
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शिक्षा: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में 38 नए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों का सृजन किया गया।
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सड़क निर्माण: दुमका में सड़क निर्माण के लिए ₹31 करोड़ और जमशेदपुर में बुनियादी ढांचे के लिए ₹41 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
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नियुक्ति नियमावली: सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति की नियमावली को अगले 5 वर्षों के लिए विस्तार दिया गया।
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कस्तूरबा स्कूल: 21 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के संचालन के लिए अतिरिक्त राशि मंजूर की गई।
