
“JSSC शिक्षक नियुक्ति विवाद: हाईकोर्ट ने पूछा—FIR क्यों नहीं? अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत नहीं”
रांची | 24 अप्रैल 2026
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। झारखंड हाईकोर्ट ने प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए फिलहाल अभ्यर्थियों को कोई अंतरिम राहत नहीं दी है।
कोर्ट ने उठाए कड़े सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब परीक्षा में अनियमितता की जानकारी थी, तो अब तक इस मामले में FIR क्यों दर्ज नहीं कराई गई। कोर्ट ने इस पहलू पर आयोग से जवाब मांगा है।
2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा पर विवाद
यह मामला जेएसएससी के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें 2819 अभ्यर्थियों के पेपर-दो की पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। यह परीक्षा 8 मई को प्रस्तावित है।
अभ्यर्थियों का पक्ष
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि बिना दोषी अभ्यर्थियों की पहचान किए सभी को पुनर्परीक्षा के लिए बाध्य करना “प्राकृतिक न्याय” के सिद्धांतों के खिलाफ है। उनका तर्क है कि निर्दोष अभ्यर्थियों को भी दंडित किया जा रहा है।
आयोग की दलील
वहीं आयोग की ओर से बताया गया कि कुछ परीक्षा केंद्रों के कंप्यूटरों में संदिग्ध गतिविधियां पाई गई थीं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि सभी अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
अगली सुनवाई 27 अप्रैल को
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कोर्ट के फैसले के बाद 8 मई को प्रस्तावित पुनर्परीक्षा होगी या नहीं।
निष्कर्ष
JSSC शिक्षक नियुक्ति परीक्षा का यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है। कोर्ट के सवालों ने आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, वहीं अभ्यर्थियों की उम्मीदें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।



