रांची: राजधानी रांची के SIRD सभागार में I-GOT कर्मयोगी पोर्टल को लेकर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री Dipika Pandey Singh ने किया। इस कार्यशाला में राज्यभर के उप समाहर्ता सह बीडीओ शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को मिशन कर्मयोगी और डिजिटल प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ना था, ताकि प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाया जा सके।
“सिर्फ दिमाग नहीं, दिल से भी काम करें अधिकारी”: Dipika Pandey Singh
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि अधिकारियों को केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल से भी सोचने और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में उम्मीद लेकर आने वाले लोगों की परेशानियों को समझना जरूरी है और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस न लौटे। मंत्री ने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ही सरकार का असली चेहरा होते हैं। इसलिए अधिकारियों को लोगों के लिए सहज और उपलब्ध रहना चाहिए।
“मिशन कर्मयोगी बदलाव का अहम हिस्सा”: Dipika Pandey Singh
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बदलते दौर में नवाचार और तकनीक प्रशासनिक कार्यों को आसान बना रहे हैं और मिशन कर्मयोगी इसी बदलाव का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं जैसे मईया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना को सफल बनाने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि समय के साथ खुद को अपग्रेड करना जरूरी है, क्योंकि सीखने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।
पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश: Dipika Pandey Singh
भीषण गर्मी को देखते हुए मंत्री ने मुख्यमंत्री Hemant Soren के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन और प्रमुख चौक-चौराहों पर आम लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था हर हाल में उपलब्ध होनी चाहिए।
AI और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
कार्यशाला को संबोधित करते हुए SIRD के निदेशक Rajesh Kumar ने कहा कि यह सिर्फ प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रशासनिक कामकाज को आसान और तेज बनाने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को AI और नई डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर लोगों की समस्याओं के समाधान में तेजी लाने की सलाह दी। कार्यक्रम में मिशन कर्मयोगी से संबंधित प्रशिक्षण और तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए गए।



