पटना: बिहार की राजनीति में सोमवार को एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। यह कदम उनके राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उठाया गया है।
मुख्यमंत्री का इस्तीफा मंत्री Vijay Kumar Chaudhary और एमएलसी Sanjay Gandhi द्वारा विधान परिषद पहुंचाया गया, जहां इसे सभापति Awadhesh Narayan Singh को सौंपा गया। विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद एक सदन की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य होता है, इसलिए यह पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
नितिन नवीन के इस्तीफे पर भी स्थिति साफ: Nitish Kumar
इधर, बिहार बीजेपी में भी हलचल तेज है। Nitin Nabin ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi को सौंप दिया है, जिसे औपचारिक रूप से जमा किया जाना है। इससे पहले उनके इस्तीफे को लेकर सस्पेंस बना हुआ था, जो अब खत्म हो गया है।
CM हाउस में नेताओं की हलचल: Nitish Kumar
सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास पर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। Lalan Singh, Sanjay Jha और विजय चौधरी सुबह 9 बजे से ही CM हाउस में मौजूद थे। वहीं Bijendra Yadav भी मुलाकात कर लौट चुके हैं।
मां को याद कर भावुक हुए नितिन नवीन: Nitish Kumar
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर अपनी मां को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि मां का साथ भले अब नहीं है, लेकिन उनका एहसास आज भी हर पल जीवित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक मां साथ हैं, उनका सम्मान करें और उन्हें पूरा समय दें, क्योंकि मां का स्थान दुनिया में कोई नहीं ले सकता।
CM बने रह सकते हैं नीतीश कुमार
इस बीच बिहार विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar ने साफ किया है कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार Nitish Kumar अगले 6 महीनों तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। गौरतलब है कि 16 मार्च को नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। नियमों के मुताबिक, किसी भी जनप्रतिनिधि को दूसरे सदन के लिए चुने जाने के बाद 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़नी होती है। इसी के तहत उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा दिया है।
