
झारखंड में मानसून की दस्तक तेज, अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट
Ranchi: झारखंड में मानसून की रफ्तार तेज होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं अगले छह दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से बिहार और आंध्र प्रदेश तक बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। विभाग का अनुमान है कि 23 जून के आसपास मानसून झारखंड के शेष हिस्सों समेत बिहार, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकता है।
पलामू में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं पलामू जिले के लेस्लीगंज में सर्वाधिक 84 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं लातेहार में न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अगले 48 घंटे अहम
मौसम विभाग ने 20 और 21 जून के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। राज्य के पूर्वी और मध्य भागों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं अन्य जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में अगले 24 घंटे तक गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
22 जून से बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 22 जून से 26 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान लगभग सभी जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
रांची में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।



