मैया सम्मान योजना: Hemant Sarkar से चालाकी पड़ी भारी! 3900 महिलाओं को झटका

Ranchi: झारखंड में हेमंत सोरेन (Hemant Sarkar) सरकार की मैया सम्मान योजना का मामला एक बार फिर चर्चा में है। यह योजना खासतौर पर राज्य की महिलाओं के लिए लाई गई थी, जिसके तहत उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही थी।

3900 महिलाओं के नाम को अचानक योजना से हटा दिया गया

लेकिन हाल ही में एक विवाद ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। 3900 महिलाओं के नाम को अचानक योजना से हटा दिया गया, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं।

हेमंत सोरेन सरकार ने अपनी रणनीति के तहत महिला सशक्तिकरण के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत राज्य सरकार ने उन महिलाओं को आर्थिक मदद देने का वादा किया था, जो किसी कारणवश सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का सामना कर रही थीं। लेकिन अब अचानक इन 3900 महिलाओं का नाम योजना से हटाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस कदम के कारण न केवल इन महिलाओं को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, बल्कि राज्य सरकार पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

कुछ महिलाएं तो इस फैसले से बहुत आहत हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि यह योजना उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करेगी। कई महिला समूहों ने इस पर विरोध जताया है और सरकार से इसे फिर से लागू करने की मांग की है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस कदम को लेकर हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लिया है और इसे सरकार की चालाकी और धोखाधड़ी के रूप में प्रस्तुत किया है।

समाजवादी विचारक और राजनीतिक नेता इस मुद्दे को राज्य की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के कदम महिलाओं को केवल शोषण का शिकार बना रहे हैं और सरकार के वादों का साक्षात उल्लंघन कर रहे हैं।

हालांकि, सरकार ने अपनी ओर से यह स्पष्टीकरण दिया है कि योजना के तहत चयनित महिलाओं के नाम में कुछ *तकनीकी गड़बड़ियां* थीं, जिसके कारण उनका नाम सूची से हटाना पड़ा। परंतु, सवाल उठता है कि अगर तकनीकी गड़बड़ी थी तो फिर इतने बड़े पैमाने पर क्यों हुआ?

अब देखना यह है कि हेमंत सोरेन सरकार इस मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देती है और क्या इन महिलाओं के लिए कोई नया रास्ता तैयार किया जाता है या नहीं।

 

 

 

 

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