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JPSC-JSSC Protest: छात्र सत्याग्रह में विवाद, Exam Fighter डायरेक्टर समेत कई लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत

रांची में JPSC-JSSC सत्याग्रह से जुड़े अभ्यर्थी रामअवतार महतो ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर Exam Fighter के डायरेक्टर कुणाल प्रताप सिंह समेत कई लोगों पर धमकी और गाली-गलौज समेत कई आरोप लगाए हैं।

JPSC-JSSC सत्याग्रह में विवाद: ‘एग्जाम फाइटर’ के डायरेक्टर समेत कई लोगों पर धमकी और गाली-गलौज का आरोप, कोतवाली थाने में शिकायत

अभ्यर्थी रामअवतार महतो ने पुलिस को दिया आवेदन, कथित धन उगाही और आंदोलन बाधित करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच नया विवाद सामने आया है। आंदोलन से जुड़े 14वीं JPSC के अभ्यर्थी रामअवतार महतो ने रांची के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत देकर ‘एग्जाम फाइटर’ के डायरेक्टर कुणाल प्रताप सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में गाली-गलौज, धमकी, आंदोलन बाधित करने और चंदे के नाम पर कथित तौर पर पैसे जुटाने की कोशिश समेत कई आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा सत्याग्रह

रामअवतार महतो के अनुसार, JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर ‘JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच’ के बैनर तले पहले मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया गया था।

बाद में प्रशासनिक निर्देश और डुरंड कप के आयोजन को देखते हुए 28 जुलाई 2026 को सत्याग्रह स्थल को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थानांतरित किया गया।

इसके अगले दिन 29 जुलाई को अभ्यर्थियों की ओर से ‘संविधान मार्च’ निकाला गया, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

मार्च के बाद विवाद होने का आरोप

पुलिस को दिए आवेदन में रामअवतार महतो ने आरोप लगाया है कि 29 जुलाई को संविधान मार्च समाप्त होने के बाद ‘एग्जाम फाइटर’ के डायरेक्टर कुणाल प्रताप सिंह अपने कुछ सहयोगियों के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे।

शिकायत में राजेश प्रसाद, रवीन्द्र पासवान और विनय मेहता समेत कुछ अन्य अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है।

रामअवतार महतो का आरोप है कि इस दौरान उनके और अन्य सत्याग्रहियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। उन्होंने आंदोलन समाप्त करने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।

QR कोड से चंदा जुटाने को लेकर भी शिकायत

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि अभ्यर्थियों की सहमति के बिना कथित तौर पर एक समिति बनाकर QR कोड जारी किया गया और चंदे के नाम पर पैसे जुटाने की कोशिश की गई।

रामअवतार महतो का दावा है कि उन्होंने आंदोलन में आर्थिक पारदर्शिता बनाए रखने का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया तथा उन्हें कथित तौर पर दोबारा धमकी दी गई।

शिकायत में कुछ व्यक्तियों पर पूर्व में भी QR कोड के जरिए पैसे जुटाने और आंदोलन को प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने कथित ‘सेटर गैंग’ से संबंधों की आशंका भी जताई है। ये सभी शिकायतकर्ता के आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

रामअवतार महतो ने कोतवाली थाना प्रभारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उन्होंने शिकायत में नामजद व्यक्तियों और अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

इसके साथ ही सत्याग्रह में शामिल अभ्यर्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। आंदोलनकारियों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है, ताकि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रह सके।

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर पुलिस जांच और दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपित पक्ष का बयान सामने आने पर खबर में उसे भी शामिल किया जाना आवश्यक होगा।

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