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JPSC परीक्षा विवाद: CID की बड़ी कार्रवाई, 5 जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी, हजारीबाग से दो भाई हिरासत में

JPSC Scam: CID का बड़ा एक्शन, 18 ठिकानों पर रेड, करोड़ों के चेक और एडमिट कार्ड बरामद

JPSC परीक्षा विवाद: CID की बड़ी कार्रवाई, 5 जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी; हजारीबाग से दो भाई हिरासत में

Ranchi: झारखंड में JPSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सेटिंग के आरोपों की जांच तेज हो गई है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने CID थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की।

5 जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी

जानकारी के अनुसार, CID और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने रांची, हजारीबाग, पलामू, बोकारो और धनबाद में कुल 18 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित परीक्षा अनियमितताओं और सेटिंग नेटवर्क की जांच के तहत की गई।

हजारीबाग से दो सगे भाई हिरासत में

सूत्रों के अनुसार, हजारीबाग से लालू और प्रदीप नाम के दो सगे भाइयों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक का चयन हाल ही में आयोजित JPSC परीक्षा में हुआ था, जबकि दूसरे पर अभ्यर्थियों की कथित सेटिंग कराने में भूमिका होने का संदेह है।

हालांकि, दोनों को हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक पुष्टि CID की ओर से अभी तक नहीं की गई है।

करोड़ों रुपये के चेक और एडमिट कार्ड मिलने का दावा

सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान संबंधित ठिकानों से करोड़ों रुपये के चेक, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड तथा कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली का पता लगाया जा सके।

अभय तिवारी की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान मुख्य आरोपी अभय तिवारी की भूमिका को लेकर भी नए तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उसकी संलिप्तता राज्य और केंद्र स्तर की करीब 10 प्रतियोगी परीक्षाओं में संदिग्ध मानी जा रही है। CID अब इन परीक्षाओं से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

जांच जारी

CID का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हिरासत, बरामदगी और अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

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