
रांची: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद की जांच कर रही CID की SIT की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में JPSC और JSSC से जुड़े अदालती मामलों में पैरवी करने वाले अधिवक्ता संजोय पिपरवाल CID के समक्ष पूछताछ के लिए पेश होंगे।
जानकारी के मुताबिक, CID की SIT ने बीते 15 सितंबर को अधिवक्ता संजोय पिपरवाल को समन जारी कर पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। परीक्षा संचालन, कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के दावों को लेकर उठे विवाद की जांच के दौरान SIT परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
परीक्षा विवाद से जुड़े कानूनी पहलुओं पर होगी जानकारी
जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान विवाद सामने आने के बाद आयोग की ओर से किस तरह के कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए गए।
इसी सिलसिले में अधिवक्ता संजोय पिपरवाल से आयोग की ओर से अदालत में रखी गई दलीलों, परीक्षा से जुड़े कानूनी दस्तावेजों और विभिन्न मामलों में अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।
दस्तावेज और पत्राचार भी जांच के दायरे में
जानकारी के अनुसार, SIT परीक्षा एजेंसी, आयोग के अधिकारियों और कानूनी सलाहकारों के बीच हुए पत्राचार तथा अलग-अलग फैसलों के समय का भी मिलान कर रही है।
जांच टीम यह देख रही है कि परीक्षा विवाद सामने आने के बाद आयोग की ओर से किस स्तर पर क्या निर्णय लिए गए और उन निर्णयों के पीछे क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई थी।
आयोग के अधिकारियों से पहले भी पूछताछ
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद की जांच में SIT अब तक आयोग के अधिकारियों, परीक्षा संचालन से जुड़ी बाहरी एजेंसियों के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
अब अधिवक्ता संजोय पिपरवाल से पूछताछ के जरिए जांच टीम परीक्षा विवाद से जुड़े कानूनी दस्तावेजों, अदालती मामलों और आयोग की कानूनी रणनीति से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति को जांच के लिए समन किया जाना अपने आप में उसके खिलाफ किसी अपराध या दोष को साबित नहीं करता। संजोय पिपरवाल की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
फिलहाल JPSC-JSSC परीक्षा विवाद की जांच जारी है और SIT अलग-अलग पहलुओं से जुड़े दस्तावेजों एवं बयानों का मिलान कर रही है।


