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झारखंड सचिवालय सेवा संघ का सरकार को अल्टीमेटम, कार्मिक विभाग की नीतियों के विरोध में आंदोलन की चेतावनी

झारखंड सचिवालय सेवा संघ का सरकार को अल्टीमेटम, कार्मिक विभाग की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

झारखंड सचिवालय सेवा संघ का सरकार को अल्टीमेटम, कार्मिक विभाग की नीतियों के विरोध में आंदोलन की चेतावनी

Ranchi: झारखंड सचिवालय सेवा संघ की आमसभा रविवार को रांची के हटिया स्थित पशुपालन भवन में आयोजित हुई। बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने कार्मिक विभाग की नीतियों और पदोन्नति नियमावली में किए जा रहे संशोधनों पर कड़ी नाराजगी जताई। संघ ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था से सचिवालय सेवा के अधिकारियों के कैडर हित प्रभावित हो रहे हैं।

पदोन्नति नियमावली में संशोधन पर जताई आपत्ति

आमसभा में वक्ताओं ने कहा कि पदोन्नति नियमावली में मनमाने ढंग से किए जा रहे संशोधन से अधिकारियों का मनोबल प्रभावित हुआ है। संघ का आरोप है कि वर्तमान नीतियां सचिवालय सेवा की संरचना और अधिकारों को कमजोर कर रही हैं।

पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कर्मचारियों के अधिकारों और सेवा हितों की अनदेखी जारी रही तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होगा।

आमसभा में कई प्रस्ताव हुए पारित

बैठक में संगठन को प्रशासनिक और वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

  • मासिक सदस्यता शुल्क 200 रुपये तथा वार्षिक शुल्क 2400 रुपये निर्धारित किया गया।
  • सदस्यता शुल्क स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन (Standing Instruction) के माध्यम से जमा कराने का निर्णय लिया गया।
  • संगठन के खातों के ऑडिट का अधिकार कार्यकारिणी को दिया गया।
  • सदस्यों के हितों के लिए संघ कल्याण कोष नियमावली लागू करने का निर्णय लिया गया।

कोषाध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति

स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कोषाध्यक्ष अवध किशोर भगत के इस्तीफे को आमसभा ने स्वीकार कर लिया। उनकी जगह कार्यकारिणी के संयुक्त सचिव हेम नारायण सिंह को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

सरकार से जल्द होगी वार्ता, आंदोलन की चेतावनी

संघ ने निर्णय लिया कि मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और मुख्य सचिव से जल्द प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर अपनी मांगें रखेगा। यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाएगा।

संघ का कहना है कि सचिवालय सेवा के कर्मचारियों के अधिकारों और सेवा हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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