
झारखंड राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग का डर या नियमों की लड़ाई, विधानसभा में आर-पार
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यह मुकाबला सिर्फ संख्या बल का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा बन गया है। निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर उठे विवाद ने विधानसभा परिसर को राजनीतिक अखाड़े में बदल दिया है।
परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र पर दर्ज आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी का आरोप है कि नामांकन प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियों को नजरअंदाज किया गया। इसी मामले की पैरवी के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता सलमान खुर्शीद विशेष रूप से दिल्ली से रांची पहुंचे।
रिटर्निंग ऑफिसर से मुलाकात के बाद सलमान खुर्शीद ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले का निपटारा उनकी बात सुने बिना ही कर दिया गया। उन्होंने संकेत दिया कि आदेश की प्रति मिलने के बाद कांग्रेस आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला ले सकती है।
वहीं कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर एक उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, मंत्रियों और कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल है तो फिर इस तरह का हंगामा क्यों किया जा रहा है। उनके अनुसार कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए वह अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है।
राज्यसभा चुनाव में पहले ही क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में नामांकन विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सभी की नजरें चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण और मतदान पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि यह लड़ाई केवल नियमों की थी या फिर इसके पीछे राजनीतिक गणित और रणनीति भी काम कर रही थी।



