Jharkhand News: झारखंड में एक और वित्तीय गड़बड़ी ने प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारीबाग और बोकारो के बाद अब रांची के पशुपालन विभाग में करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, जिसे एक नए “पशुपालन घोटाले” के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रेजरी से करोड़ों की निकासी, मचा हड़कंप: Jharkhand News
मामला रांची के कांके स्थित एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन केंद्र से जुड़ा है, जहां विभाग के कर्मचारियों पर ट्रेजरी से 3 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की अवैध निकासी का आरोप है। जैसे ही इस गड़बड़ी की जानकारी प्रशासन को मिली, रांची डीसी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई और कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
दो कर्मचारी हिरासत में, पूछताछ जारी: Jharkhand News
इस मामले में विभाग के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह निकासी वेतन मद में हेरफेर कर की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है।
कुबेर पोर्टल से छेड़छाड़ का आरोप: Jharkhand News
एफआईआर में बताया गया है कि साल 2023 से 2026 के बीच आरोपियों ने कुबेर पोर्टल में तकनीकी छेड़छाड़ कर अपने वेतन को बढ़ाकर दिखाया और उसी आधार पर ट्रेजरी से अधिक राशि निकाल ली। यह पूरा खेल सिस्टम में बदलाव कर लंबे समय तक किया जाता रहा, जिसकी भनक देर से लगी।
डीसी की जांच में भी पुष्टि
मामला सामने आने के बाद रांची जिला प्रशासन ने आंतरिक जांच कराई, जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इसके बाद ही कार्यकारी मजिस्ट्रेट मो. जफर के लिखित आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
फिर उठे पुराने घोटाले की याद
पशुपालन विभाग से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद राज्य में एक बार फिर पुराने चारा घोटाले जैसी घटनाओं की याद ताजा हो गई है। लगातार सामने आ रहे ट्रेजरी घोटाले सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
रांची का यह नया ट्रेजरी घोटाला सिर्फ एक वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि सिस्टम की कमजोरी का बड़ा संकेत है। अब देखना होगा कि जांच में और कौन-कौन शामिल निकलते हैं और क्या इस बार दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो पाती है या नहीं।



