Jharkhand News: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एक सीट Shibu Soren के निधन के बाद खाली हुई है, जबकि दूसरी सीट भाजपा सांसद Deepak Prakash का कार्यकाल पूरा होने के कारण रिक्त हो रही है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद अब एनडीए खेमे में भी अंदरूनी रणनीति और नंबर गेम को लेकर खींचतान शुरू हो गई है।
आजसू का BJP पर सीधा हमला: Jharkhand News
एनडीए सहयोगी AJSU Party ने इस मुद्दे पर भाजपा को सीधे घेर लिया है। आजसू प्रवक्ता Devsharan Bhagat ने कहा कि भाजपा एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए पहले उसे खुद अपने उम्मीदवार और रणनीति पर मंथन करना चाहिए, उसके बाद सहयोगियों से बात करनी चाहिए। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
28 के आंकड़े से 4 वोट दूर NDA: Jharkhand News
झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की जरूरत है। वर्तमान स्थिति में भाजपा के पास 21 विधायक हैं। सहयोगी दलों में आजसू, जदयू और लोजपा के पास एक-एक विधायक हैं। इस तरह एनडीए का कुल आंकड़ा 24 तक पहुंचता है, जो जीत के लिए जरूरी संख्या से 4 कम है। वहीं सत्ताधारी इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिससे दोनों सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
BJP की रणनीति पर बढ़ा दबाव
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि भाजपा बिना पर्याप्त समर्थन जुटाए उम्मीदवार उतारती है तो हार की स्थिति में उसकी राजनीतिक साख को नुकसान हो सकता है। दूसरी तरफ अगर भाजपा उम्मीदवार नहीं उतारती, तो विपक्ष इसे राजनीतिक कमजोरी के तौर पर पेश कर सकता है। आजसू के बयान के बाद अब साफ संकेत मिल रहे हैं कि सहयोगी दल भाजपा पर अपनी शर्तों और राजनीतिक महत्व को लेकर दबाव बनाए रखना चाहते हैं।



