HeadlinesJharkhandStatesTrending

Jharkhand News: रांची बाजार में महंगाई की मार, साबुन-डिटर्जेंट और चावल के दाम बढ़े

अमेरिका-ईरान युद्ध का असर: हॉर्लिक्स, साबुन और डिटर्जेंट के बढ़े दाम

Jharkhand News: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले एफएमसीजी उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साबुन, डिटर्जेंट, हेल्थ ड्रिंक और मच्छर मारने वाले स्प्रे जैसे कई जरूरी सामान 10 दिनों के भीतर महंगे हो गए हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की बढ़ती कीमतों और पैकेजिंग लागत में इजाफे के कारण कंपनियों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर अब सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

हॉर्लिक्स, साबुन और डिटर्जेंट के बढ़े दाम: Jharkhand News

रांची के खुदरा बाजार में कई एफएमसीजी उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है

  • 500 ग्राम हॉर्लिक्स: 209 रुपए से बढ़कर 235 रुपए
  • 1 किलो व्हील एक्टिव: 76 से बढ़कर 80 रुपए
  • 1 किलो घड़ी डिटर्जेंट: 74 से बढ़कर 78 रुपए

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी मच्छर मारने वाले स्प्रे ब्लैक हिट में देखने को मिली है। इसका दाम 260 रुपए से बढ़कर 340 रुपए तक पहुंच गया है।

कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

चावल भी हुआ महंगा

एफएमसीजी उत्पादों के साथ-साथ चावल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है।

  • कतरनी चावल: करीब 5 रुपए प्रति किलो महंगा
  • बासमती चावल: 10 से 15 रुपए प्रति किलो तक महंगा
  • परमल और उसना चावल: 1-2 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी

रांची के बाजार में फिलहाल

  • परमल चावल: 40-44 रुपए प्रति किलो
  • बासमती चावल: 110-150 रुपए प्रति किलो

तक बिक रहा है।

एक्सपोर्ट और पैकेजिंग लागत का असर: Jharkhand News

चावल कारोबारियों के मुताबिक कतरनी धान की कीमतों में करीब 350 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बासमती चावल की विदेशों में मांग बढ़ने से भी घरेलू बाजार प्रभावित हुआ है। इसके अलावा बोरा और पैकेजिंग सामग्री महंगी होने का असर भी कीमतों पर पड़ा है।

क्रूड ऑयल से बढ़ा दबाव: Jharkhand News

झारखंड कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अखौरी के अनुसार, एफएमसीजी उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल आधारित कच्चे माल से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि

  • पैकेजिंग मैटेरियल महंगा हुआ है
  • इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतें बढ़ी हैं
  • रॉ मटेरियल की कमी बनी हुई है
  • कई छोटी कंपनियों ने उत्पादन घटा दिया है

जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।

आम आदमी की बढ़ी चिंता

लगातार बढ़ती महंगाई ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामान महंगे होने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही, तो आने वाले समय में बाजार में और महंगाई देखने को मिल सकती है।

ये भी पढ़े: Bihar News: बिहार पंचायत चुनाव में रिजर्वेशन लिस्ट बदल सकती है पूरा खेल

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button