Jharkhand News: विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शनिवार को रांची के आईपीएच सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
जागरूकता और प्रयास से खत्म होगा मलेरिया: Jharkhand News
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि राज्य सरकार लोगों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जैसे पोलियो पर नियंत्रण पाया गया, उसी तरह मलेरिया पर भी काबू पाया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता, साफ-सफाई, नियमित छिड़काव और मच्छरदानी के उपयोग को जरूरी बताया।
सालभर चलती हैं स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां: Jharkhand News
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग सालभर में 46 से अधिक गतिविधियों के जरिए बीमारियों की रोकथाम और उन्मूलन पर काम करता है। लोगों को संक्रामक और असंक्रामक रोगों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान पर जोर: Jharkhand News
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि पंचायत स्तर पर मुखियाओं के माध्यम से मलेरिया से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए स्क्रीनिंग, टीकाकरण और इलाज की सुविधाएं भी लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।
मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य: Jharkhand News
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि राज्य का लक्ष्य मलेरिया के मामलों को कम करना और कालाजार को पूरी तरह खत्म करना है।
कॉफी टेबल बुक का विमोचन: Jharkhand News
इस अवसर पर वेक्टर जनित रोगों से संबंधित एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। साथ ही विभिन्न जिलों के 10 मुखियाओं और जेएसएलपीएस की महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
आंकड़ों में झारखंड की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में झारखंड में 42,236 मलेरिया के मामले सामने आए। वहीं लाखों की संख्या में जांच की गई, जिससे बीमारी पर नियंत्रण के प्रयास लगातार जारी हैं।
विश्व मलेरिया दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे लोगों को सम्मानित कर उनके प्रयासों को भी सराहा गया। अब चुनौती है कि इन प्रयासों को और तेज कर झारखंड को मलेरिया मुक्त बनाया जाए।



