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झारखंड में बिजली कनेक्शन के नियम बदले, ISI तार और MCB-RCCB अनिवार्य; JBVNL ने जारी किए नए निर्देश

JBVNL का बड़ा फैसला: झारखंड में बिजली कनेक्शन के नए नियम लागू, चाइनीज तार और ओवरलोड पर होगी सख्त कार्रवाई

JBVNL का बड़ा फैसला! झारखंड में बिजली कनेक्शन के नियम बदले; चाइनीज तार, ओवरलोड और गलत वायरिंग पर होगी कार्रवाई

Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से नए बिजली कनेक्शन के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक-सह-मुख्य अभियंता मनमोहन कुमार ने रांची और गुमला विद्युत आपूर्ति सर्किल के अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

नए निर्देशों के तहत चाइनीज तारों के उपयोग, ओवरलोड, असुरक्षित वायरिंग और अनधिकृत बिजली विस्तार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नए बिजली कनेक्शन में MCB और RCCB होंगे अनिवार्य

JBVNL के निर्देश के अनुसार अब प्रत्येक नए लो टेंशन (LT) बिजली कनेक्शन में उपयुक्त क्षमता का MCB (Miniature Circuit Breaker) और RCCB (Residual Current Circuit Breaker) लगाना अनिवार्य होगा।

निगम का कहना है कि इससे ओवरलोड, शॉर्ट सर्किट, अर्थ लीकेज और करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। सुरक्षा उपकरणों के बिना किसी भी उपभोक्ता को नया बिजली कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा।

केवल ISI प्रमाणित तारों का होगा इस्तेमाल

निगम ने स्पष्ट किया है कि बिजली कनेक्शन के लिए केवल ISI प्रमाणित और निर्धारित गुणवत्ता वाले सर्विस वायर का ही उपयोग किया जाएगा।

घटिया गुणवत्ता या तथाकथित चाइनीज तारों के उपयोग पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को जांच के दौरान ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

स्वीकृत लोड के अनुसार ही लगेगा सर्विस वायर

JBVNL ने कहा है कि उपभोक्ता के स्वीकृत बिजली लोड के अनुसार ही सर्विस वायर लगाया जाएगा। इससे तारों के गर्म होने, वोल्टेज ड्रॉप और आग लगने जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।

यदि किसी उपभोक्ता को अधिक बिजली की आवश्यकता है तो पहले निगम से लोड वृद्धि (Load Enhancement) की स्वीकृति लेनी होगी।

दूसरे मकान या दुकान तक बिजली देना प्रतिबंधित

नए निर्देशों के अनुसार एक परिसर के लिए स्वीकृत बिजली कनेक्शन का उपयोग केवल उसी परिसर तक सीमित रहेगा।

किसी भी उपभोक्ता को उसी कनेक्शन से दूसरे मकान, दुकान, प्लॉट या भवन तक बिजली पहुंचाने की अनुमति नहीं होगी। अलग-अलग परिसरों के लिए अलग बिजली कनेक्शन लेना आवश्यक होगा।

घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग नहीं

JBVNL ने स्पष्ट किया है कि जिस उद्देश्य के लिए बिजली कनेक्शन स्वीकृत किया गया है, उसका उपयोग उसी श्रेणी में किया जाएगा।

घरेलू बिजली कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग या बिना अनुमति श्रेणी बदलकर बिजली का इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ओवरलोड और असुरक्षित वायरिंग पर विशेष निगरानी

निगम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन भवनों की वायरिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होगी या जहां ढीले और असुरक्षित तार पाए जाएंगे, वहां नया बिजली कनेक्शन देने से बचा जाए।

साथ ही उपभोक्ताओं को स्वीकृत लोड के भीतर ही बिजली उपयोग करने की सलाह दी गई है।

नियमित निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश

JBVNL ने सभी फील्ड अधिकारियों को नए कनेक्शन, मीटर इंस्टॉलेशन और रखरखाव कार्यों के दौरान नियमित निरीक्षण करने तथा सुरक्षा मानकों का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

निगम ने कहा है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर विद्युत अधिनियम-2003, झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग (JSERC) सप्लाई कोड तथा JBVNL के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आदेश के पालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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