झारखंड ग्राम गाड़ी योजना का विस्तार, साहेबगंज में 3 नए ग्रामीण मार्गों को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना: साहेबगंज के लिए 3 नए ग्रामीण मार्ग अधिसूचित, 601 रूटों का आंकड़ा पार

मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना: साहेबगंज के लिए 3 नए ग्रामीण मार्ग अधिसूचित, ग्रामीण परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

Ranchi: झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना, 2022 के तहत साहेबगंज जिले के लिए तीन नए ग्रामीण मार्ग अधिसूचित किए हैं। परिवहन विभाग की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार करना और लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना है।

इन नए मार्गों के अधिसूचित होने के बाद राज्य में योजना के तहत अधिसूचित ग्रामीण मार्गों की संख्या बढ़कर 601 हो गई है।

पहला मार्ग: हिरणपुर से छुछी तक

पहला अधिसूचित मार्ग हिरणपुर से छुछी तक है, जिसकी कुल लंबाई 39 किलोमीटर है। यह मार्ग सरकंडा, सिमड़ा, रांगा, पंचकठिया, बरहेट प्रखंड कार्यालय, रक्सीमोड़ और गिलहा से होकर गुजरता है।

इस मार्ग से क्षेत्र के कई स्कूल, उप स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन और बाजार-हाट आपस में जुड़ेंगे, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक सुविधाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

दूसरा मार्ग: डांगापाड़ा से साहेबगंज मुख्यालय

दूसरा मार्ग डांगापाड़ा से साहेबगंज तक है, जिसकी लंबाई 90 किलोमीटर है। यह मार्ग हिरणपुर, दुर्गापुर, तालझारी, लखीपुर, इमलीगाछ, बरमसिया, बरहेट, हाथीगढ़, रांगा और बोरियो होते हुए साहेबगंज रेलवे स्टेशन और जिला मुख्यालय तक पहुंचता है।

इस मार्ग के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है।

तीसरा मार्ग: उधवा बाजार से मुख्यालय अस्पताल

तीसरा अधिसूचित मार्ग उधवा बाजार से साहेबगंज मुख्यालय अस्पताल तक है। इसकी लंबाई भी 90 किलोमीटर है।

यह मार्ग मोहनपुर, जोका, तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन और हरिणचरा स्कूल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरता है। इससे ग्रामीणों को जिला अस्पताल तक पहुंचने में आसानी होगी और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

स्कूल, अस्पताल और बाजारों को जोड़ने पर विशेष जोर

परिवहन विभाग के अनुसार, इन तीनों मार्गों का चयन इस प्रकार किया गया है कि वे अधिकतम स्कूलों, अस्पतालों, बाजार-हाटों और रेलवे स्टेशनों को आपस में जोड़ सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की समस्या कम होगी और लोगों को दैनिक आवश्यकताओं के लिए शहरों एवं कस्बों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का उद्देश्य दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है, जहां निजी परिवहन सेवाएं सीमित या उपलब्ध नहीं हैं।

मार्च 2026 में भेजा गया था प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार, इन तीनों मार्गों का प्रस्ताव दुमका स्थित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के अंतर्गत उप परिवहन आयुक्त सह सचिव द्वारा मार्च 2026 में भेजा गया था। राज्य सरकार ने अब औपचारिक अधिसूचना जारी कर इन मार्गों को मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना में शामिल कर लिया है।

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